एक दर्जन गांवों का उप स्वास्थ्य केंद्र बदहाल, बिजली-पानी नहीं, ताला लगने से मरीज परेशान

मयूरहंड के पथरा उप स्वास्थ्य केंद्र में बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिससे ग्रामीण और स्वास्थ्य कर्मी परेशान हैं।

मयूरहंड. मयूरहंड प्रखंड मुख्यालय से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र पथरा का हाल इन दिनों पूरी तरह बेहाल है. यह केंद्र अपनी बदहाली की आंशु बहा रहा है. केंद्र की स्थिति पूरी तरह जर्जर व कंडम है. केंद्र केंद्र में रोगियों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों की सुविधाएं भी नदारद है. यहां बिजली, पानी, शौचालय की सुविधा नहीं है. केंद्र में दवा की उपलब्धता तो है, कर्मी भी पदस्थापित हैं, लेकिन सुविधा के आभाव में प्रतिदिन यह केंद्र 24 घंटे नहीं खुलता है.

सर्दी-खांसी और बुखार तक सीमित इलाज

यहां उपचार के बाद केवल सर्दी, खांसी, बुखार की दवा देने के साथ टीकाकरण की जाती है. प्रसव की सुविधा भी उपलब्ध नहीं हैं. यहां के महिलाएं को प्रसव कराने 12 किलोमीटर दूर प्रखंड मुख्यालय स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना पड़ता है. केंद्र तक पहुंचने के लिये सड़क नहीं है. कच्ची सड़क के रास्ते केंद्र पहुंचना पड़ता है. केंद्र के समुचित लाभ से यहां के लोग वंचित हो रहे हैं.

13 गांवों के लोगों को हो रही परेशानी

केंद्र में एक सीएसओ केशकांत कुमार व एएनएम नीला कुमारी पदस्थापित हैं. सुविधा के आभाव में यहां कर्मी भी नहीं रहतें हैं. कार्यालय अवधि के बाद केंद्र में ताला लटक जाता है. जरूरतमंदों को समय पर उपचार व दवा की सेवा नहीं मिल पाती है. यह केंद्र से फुलांग व पेटादेरी पंचायत के 13 गांवों (पथरा, फुलांग, झारदाग, बलिया, बेंगवा, परासी, पेटादेरी, धर्मपुर, मनहे, सदाफर, कोयली) को सुविधा मुहैया कराना है.

क्या कहते हैं ग्रामीण.

ग्रामीण पथरा गांव निवासी आदित्य प्रसाद भगत ने कहा कि सुविधा के आभाव में केंद्र हमेशा नहीं खुलता है. जिसके कारण केंद्र से मिलने वाली समुचित लाभ से वंचित रह जाता हूं. प्राइवेट चिकित्सक के पास उपचार कराने के साथ मंहगे दर पर दवा खरीदने पड़ते हैं. राशिक सिंह शिरोमणि ने कहा कि केंद्र नये भवन में शिफ्ट होगा तभी ग्रामीण लाभान्वित होंगे समाजसेवी शंकर रजक में कहा कि कर्मियों की ठहरने के साथ बिजली, पानी, शौचालय की सुविधा होनी चाहिये.

महिला कर्मी हूं, सुविधा के आभाव में भय लगता है : ANM

केंद्र में पदस्थापित एएनएम नीला कुमारी ने बतायी कि मैं एक महिला कर्मी हूं. केंद्र पूरी तरह सुविधाविहीन है. केंद्र परिसर में बिजली, पानी व शौचालय नहीं है. शौच के लिये मुझे व रोगियों को बाहर निकलना पड़ता है. हमेशा भय के माहौल में रहकर केंद्र का संचालन कर रहीं हूं. 22 किलोमीटर दूर इटखोरी से पीने की पानी बोतल में लेकर केंद्र पहुंचती हूं.

बन रहा नया भवन है अधूरा

हालाकिं इधर केंद्र से आधे किलोमीटर दूर पथरा मोड़ में उप स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बनाया जा रहा है. भवन बनकर लगभग तैयार है. रंग, पेंट, दरवाजा का काम अधूरा है. केंद्र जल्द बनकर तैयार होता तो केंद्र यहां स्थानांतरित होता. 24 घंटे केंद्र खुलता, ग्रामीण लाभान्वित होतें.


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By Prabhat khabar news desk

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