राज्य गठन के बाद बदली कुंदा प्रखंड की तस्वीर

झारखंड अलग राज्य बनने के बाद कुंदा प्रखंड का काफी विकास हुआ.

कुंदा. झारखंड अलग राज्य बनने के बाद कुंदा प्रखंड का काफी विकास हुआ. प्रखंड मुख्यालय के अलावा कई गांवों को सड़क से जोड़ा गया. वहीं कई गांव बिजली से रोशन हुए. प्रखंड के लोगों को बैंक, थाना, पुलिस पिकेट, स्वास्थ्य केंद्र, मध्य व उच्च विद्यालय, कस्तूरबा विद्यालय, यात्री बस सेवा, मोबाइल नेटवर्क सेवा सहित कई तरह की सुविधाएं मिली. लोगों को जरूरत का सामान गांव में ही उपलब्ध होने लगा है. प्रखंड मुख्यालय व जिला मुख्यालय आने-जाने की सुविधा बढ़ी है. क्षेत्र में नक्सली गतिविधियां कम होने से विकास के कई कार्य धरातल पर उतरे. चौक-चौराहें पर दुकानों खुली है, जिससे चहल-पहल बढ़ी. लोगों के जीविकोपार्जन के साधन बढ़े. जिला मुख्यालय आने-जाने के लिए चार पक्की सड़कें बनी. पहले जिला मुख्यालय जाने में तीन से चार घंटा लगता था. अब बहुत कम समय में लोग जिला मुख्यालय पहुंच जाते हैं. 20 गांव पक्की सड़क से जुड़ चुके हैं. 400 से अधिक पीसीसी सड़क बनाकर गली-मुहल्ला में आवागमन की सुविधा को सुगम बनाया गया है. 40 हजार की आबादी वाले कुंदा प्रखंड की पांच पंचायत में 78 गांव हैं. प्रखंड में 72 सरकारी स्कूलों के अलावे छात्राओं के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय हैं. वर्ष 2016 में यहां बिजली पहुंची है. बिजली आने से सिंचाई की सुविधा भी पहले से बेहतर हुई है. एसबीआइ की शाखा खुली है. प्रखंड के एकमात्र पर्यटक स्थल महादेव मठ में दूर-दूर से लोग पूजा-अर्चना करने व घूमने आते हैं.

24 वर्ष में काफी कुछ बदला है

ग्रामीणों को मानना है कि राज्य गठन के 24 वर्ष में कुंदा में काफी बदलाव आया है. विकास के कई काम हुए हैं. सड़क, बिजली, पानी व शिक्षा का साधन बढ़ा है. लोग इसका लाभ ले रहे हैं. बनियाडीह के बिलेद्र ने कहा कि पहले की अपेक्षा कुंदा में काफी विकास हुआ है. गांव में पक्की सड़क, प्लस टू उच्च विद्यालय व नदी-नाले पर पुल पुलिया बनायी गयी है. कुटिल गांव के राजेश कुमार ने कहा कि कुंदा विकास के पथ पर अग्रसर है. 24 वर्ष में काफी कुछ बदला है

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Published by: Praveen

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