कुंदा से धर्मेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट
सरकार विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के दावे करती है, लेकिन कुंदा प्रखंड में बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्थिति चिंताजनक है. जंगल और पहाड़ी क्षेत्र से घिरे कुंदा प्रखंड के सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में तड़ित चालक नहीं लगाए जाने से बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं. बताया गया कि प्रखंड के 82 सरकारी विद्यालयों में 51 में अब तक तड़ित चालक नहीं लगाया गया है.
वहीं प्रखंड के सभी 35 आंगनबाड़ी केंद्रों में भी तड़ित चालक की व्यवस्था नहीं है. जिन कुछ विद्यालयों में तड़ित चालक लगाए गए हैं, उनमें कई उपकरण देखरेख के अभाव में खराब पड़े हैं. इससे बारिश और वज्रपात के मौसम में बच्चों के साथ शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है.
डाढ़ा स्कूल में छात्र की मौत के बाद बढ़ी चिंता
शनिवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय डाढ़ा में बारिश के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से 14 वर्षीय छात्र अनीश उरांव की मौत हो गयी. घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं इस घटना से क्षेत्र के अभिभावकों में भी नाराजगी बढ़ गयी है. लोगों का कहना है कि यदि विद्यालय में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होते तो ऐसी घटनाओं का खतरा कम किया जा सकता था.
मानसून के दौरान वज्रपात की घटनाएं होती रहती हैं
कुंदा जैसे जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में मानसून के दौरान वज्रपात की घटनाएं होती रहती हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2008 में डोकवा विद्यालय में भी वज्रपात की घटना में दो स्कूली बच्चों की मौत हो गयी थी और कई लोग घायल हुए थे. इसके बावजूद विद्यालयों में तड़ित चालक की व्यवस्था नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं.
बड़े हादसे का इंतजार तो नहीं कर रहा प्रशासन
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को हर दिन डर के माहौल में स्कूल भेजना पड़ रहा है. बारिश के दौरान शिक्षक भी विद्यालय में खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं. लोगों ने प्रशासन से सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में मानक के अनुरूप तड़ित चालक लगाने तथा पहले से लगे उपकरणों की जांच और मरम्मत कराने की मांग की है.
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ग्रामीणों ने दी चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गयी तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे. लोगों का सवाल है कि डाढ़ा विद्यालय की घटना के बाद भी यदि प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई तो किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई होगी?
इन विद्यालयों में तड़ित चालक नहीं
ग्रामीणों के अनुसार, यूपीएस टिकुलिया, धरतीमांडर, हरदियाटांड़, कुशुम्भा, आसेदेरी, जोबिया, मोहनपुर, लेवाड़, भौरुडीह, गारो, लुकुईया, यूपीएस नवादा, हेसातु, बंठा, अंबा दोहर, रेंगनियातरी, बलही, सोहर लाठ, कुशुमटांड़, तैयाकरम, पंडरियाबर, पचंबा, बेसरा, यूएमएस सरजामातु, एकता, बारियातु, यूएचएस खपिया, यूपीएस टटेज, सिकीदाग, जगरनाथपुर, पिंजा, बरमा, बैरियाचक, यूएमएस दारी, मरगड़ा, दुर्गी, टिकैत बांध, अखरा, कमाल, एनपीएस फुलवरिया, भूरहा, कोजरम, कोड़हास, इचातु समेत अन्य विद्यालयों में तड़ित चालक नहीं लगा है. इसके अलावा प्रखंड के सभी 35 आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अब तक तड़ित चालक नहीं लगाया गया है.
