कुंदा से धर्मेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट
कुंदा (चतरा). चतरा के कुंदा प्रखंड में कई दिनों से बारिश हो रही है. इससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. खेत में पानी जमा होने से सब्जी की फसल, विशेषकर टमाटर और बैगन को गंभीर नुकसान हुआ है. इसके अलावा हरी मिर्च, पालक साग और अन्य सब्जियों की फसल भी प्रभावित हुई है.
जलजमाव से गलने लगे टमाटर और बैगन के पौधे
किसानों का कहना है कि जलजमाव के कारण पौधों की जान पर बन आयी है. उनका कहना है कि टमाटर और बैगन के पौधे गलने लगे हैं, जैसे उन्हें कोई बीमारी हो गयी हो. इससे फसल मुरझाने लगी है. कई खेतों में टमाटर और बैगन के पौधे गलने लगे हैं.
हजारों रुपये खर्च करने के बाद तैयार फसल खराब होने की चिंता
किसानों ने बताया कि सब्जी की खेती में बीज, खाद-दवा, सिंचाई और मजदूरी पर पहले ही हजारों रुपये खर्च कर चुके हैं. अब तैयार फसल के खराब होने से लागत निकालना मुश्किल हो जाएगा. यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है.
प्रति एकड़ 50 हजार से एक लाख रुपये तक नुकसान का अनुमान
प्रभावित किसानों का अनुमान है कि प्रति एकड़ टमाटर की फसल में इस बार 50 हजार से 1 लाख रुपये तक का नुकसान होने का अनुमान है.
फसल क्षति का आकलन और मुआवजे की मांग
किसानों ने जिला प्रशासन से तत्काल फसल क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है.
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