मयूरहंड (चतरा): करमा-सदाफर सड़क इन दिनों गड्ढों और जलजमाव के कारण तालाब में तब्दील हो गयी है. बरसात के मौसम में इस सड़क से गुजरना दुर्घटना को आमंत्रण देने के समान है. सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाने के कारण वे दिखाई नहीं देते. इससे राहगीरों के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
11 किलोमीटर सड़क से जुड़ा है चौपारण हाइवे
करमा-सदाफर सड़क की लंबाई करीब 11 किलोमीटर है. यह सड़क चौपारण हाइवे पथ को जोड़ती है और आसपास के ग्रामीणों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण मार्ग है. सांसद प्रतिनिधि सुधीर यादव ने कहा कि सड़क की स्थिति बेहद दयनीय है. सड़क निर्माण को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ.
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एक घंटे से अधिक समय में तय हो रहा सफर
ग्रामीण राजकुमार राणा ने कहा कि करमा चौक से चौपारण हाइवे तक की दूरी तय करने में एक घंटे से अधिक समय लग जाता है. अरुण कुमार दांगी ने कहा कि सड़क पर चलना दुर्घटना को न्योता देने के समान है. सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों को हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है.
15 साल से सड़क निर्माण का इंतजार
राजद प्रखंड अध्यक्ष गुड्डू रजक ने कहा कि सड़क बने हुए 15 साल से अधिक का समय बीत चुका है. इसके बावजूद नये सिरे से सड़क निर्माण नहीं कराया जाना जनता के साथ धोखा है. पूर्व पंचायत समिति सदस्य शंकर रजक ने कहा कि सड़क का निर्माण होने से ग्रामीणों को काफी लाभ मिलेगा और क्षेत्र में आवागमन भी बढ़ेगा.
