चतरा होम गार्ड बहाली पर ठगों की टिकी है नजर, जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों को किया अलर्ट

Chatra News: चतरा में होम गार्ड बहाली के दौरान ठग सक्रिय हो गए हैं. जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों को सतर्क रहने की सलाह दी है. अज्ञात कॉल के जरिए नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं. प्रशासन ने इसे फर्जी बताते हुए शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

चतरा से दीनबंधू की रिपोर्ट

Chatra News: झारखंड के चतरा जिले में चल रही होम गार्ड बहाली प्रक्रिया के बीच ठग सक्रिय हो गए हैं. जिला प्रशासन को मिली शिकायतों के बाद अभ्यर्थियों को सतर्क रहने की अपील की गई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और किसी भी तरह के पैसे या सिफारिश का इसमें कोई स्थान नहीं है.

1 अप्रैल से चल रही है बहाली प्रक्रिया

चतरा जिले के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 1 अप्रैल 2026 से होम गार्ड बहाली प्रक्रिया संचालित की जा रही है. बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं. इसी बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए ठगी का जाल फैलाना शुरू कर दिया है.

मोबाइल कॉल के जरिए ठगी का प्रयास

जिला प्रशासन के अनुसार, कई अभ्यर्थियों ने शिकायत की है कि अज्ञात मोबाइल नंबरों से कॉल कर उन्हें होम गार्ड में नौकरी दिलाने का झांसा दिया जा रहा है. इसके बदले उनसे अवैध रूप से पैसे की मांग की जा रही है. ऐसे मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है.

उपायुक्त कीर्तिश्री का सख्त संदेश

चतरा की उपायुक्त श्रीमती कीर्तिश्री ने इस मामले में स्पष्ट बयान जारी करते हुए कहा है कि बहाली प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुसार हो रही है. उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की सिफारिश, बिचौलिया या पैसे का कोई स्थान नहीं है. ऐसे सभी दावे पूरी तरह फर्जी और गैरकानूनी हैं.

अभ्यर्थियों और अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील

उपायुक्त ने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी फोन कॉल, संदेश या व्यक्ति के झांसे में न आएं. यदि कोई व्यक्ति नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो उसकी जानकारी तुरंत प्रशासन या पुलिस को दें. इससे ऐसे ठगों के खिलाफ समय पर कार्रवाई संभव हो सकेगी.

साइबर सेल और पुलिस को सूचना देने की सलाह

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ठगी से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना, साइबर सेल या जिला प्रशासन को दी जानी चाहिए. इससे दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी.

प्रशासन कर रहा है सतत निगरानी

जिला प्रशासन ने बताया कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. बहाली प्रक्रिया के दौरान लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता या धोखाधड़ी को रोका जा सके. संबंधित अधिकारियों को भी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं.

अफवाहों से दूर रहने की अपील

जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से यह भी कहा है कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें और किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी से दूर रहें. सोशल मीडिया या अनजान स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर विश्वास करने से बचने की सलाह दी गई है.

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निष्पक्ष बहाली के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध

प्रशासन ने दोहराया है कि वह निष्पक्ष और पारदर्शी बहाली प्रक्रिया के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. सभी योग्य अभ्यर्थियों को समान अवसर देने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया संचालित की जा रही है. ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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