डुमरी विधायक जयराम महतो पहुंचे चतरा, कोर्ट से मिली जमानत

डुमरी विधायक जयराम महतो को चतरा कोर्ट से जमानत मिल गई है. उन पर बिना अनुमति महासभा आयोजित करने का आरोप था. जानिए क्या है पूरा मामला और कोर्ट का फैसला.

चतरा: डुमरी विधायक सह झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के सुप्रीमो जयराम कुमार महतो मंगलवार को चतरा पहुंचे. यहां उन्होंने वर्ष 2023 में बिना अनुमति महासभा आयोजित करने के मामले में न्यायालय में उपस्थित होकर जमानत ली. न्यायालय से जमानत मिलने के बाद कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया.

बिना अनुमति महासभा कराने के मामले में जयराम महतो पहुंचे कोर्ट

बताया गया कि 27 अगस्त 2023 को चतरा बाईपास रोड स्थित बाबा घाट मैदान में झारखंडी भाषा खतियानी संघर्ष समिति (जेबीकेएसएस), वर्तमान में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम), की ओर से बदलाव संकल्प महासभा का आयोजन किया गया था. महासभा में मुख्य अतिथि के रूप में जयराम महतो शामिल हुए थे. कार्यक्रम के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं लिए जाने के आरोप में जयराम महतो समेत 52 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसी मामले में जयराम महतो मंगलवार को जमानत लेने के लिए चतरा न्यायालय पहुंचे.

जयराम महतो समेत चार को मिली जमानत

न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी. जयराम कुमार महतो के अलावा सूचित महतो, प्रेमलाल कुमार महतो और अमरू महतो को भी उक्त मामले में जमानत मिली. जमानत मिलने के बाद न्यायालय परिसर के बाहर मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जयराम महतो का स्वागत किया. इस दौरान जेएलकेएम जिलाध्यक्ष कैलाश महतो, नेता सुबोध पासवान, सुनील कुमार, चंदन कुमार, मो हसन समेत काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे.

क्या था मामला ?

चतरा सदर थाना में तत्कालीन अंचलाधिकारी भागीरथ महतो के आवेदन के आधार पर 1 सितंबर 2023 को कांड संख्या 273/23 के तहत जयराम महतो समेत 52 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. मामला 27 अगस्त 2023 को बाईपास रोड स्थित बाबा घाट मैदान में बिना अनुमति आयोजित बदलाव संकल्प महासभा से जुड़ा है। इस मामले में कई आरोपी पहले ही न्यायालय से जमानत ले चुके हैं. मंगलवार को जयराम महतो अपने साथियों के साथ चतरा पहुंचे, जहां न्यायालय से जयराम महतो, सूचित महतो, प्रेमलाल कुमार महतो और अमरू महतो को जमानत मिली.

इन धाराओं में दर्ज हुआ था मामला :

धारा 143 – गैर-कानूनी जनसमूह का सदस्य होना. पांच या अधिक लोगों के ऐसे समूह में शामिल होना, जिसका उद्देश्य कानून के विरुद्ध हो. धारा 149 – गैर-कानूनी जनसमूह के किसी सदस्य द्वारा समूह के साझा उद्देश्य के तहत अपराध किए जाने पर अन्य सदस्यों की भी जवाबदेही तय होने का प्रावधान. धारा 341 – किसी व्यक्ति का रास्ता जानबूझकर रोकना यानी सदोष अवरोध. धारा 342 – किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी निश्चित सीमा या स्थान से बाहर जाने से रोकना यानी सदोष परिरोध. धारा 447 – आपराधिक अतिचार. किसी दूसरे की संपत्ति में अपराध करने, डराने या अपमानित करने की नीयत से प्रवेश करना. धारा 188 – लोक सेवक द्वारा जारी वैध आदेश की अवज्ञा करना. धारा 290 – ऐसे सार्वजनिक उपद्रव के लिए दंड, जिसके लिए कानून में अलग से विशेष प्रावधान नहीं है.

फोटो - कोर्ट से निकले जयराम महतो मकई खाते हुए | Prabhat Khabar

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लेखक के बारे में

By मो. तसलीम

मो. तसलीम चतरा से 29 साल से प्रभात खबर के साथ जुड़े हैं. क्राइम रिपोर्टिंग, भ्रष्टाचार और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर विशेष रुचि है. निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता करना इनकी पहचान है.

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