शहर में चार दिन से पेयजलापूर्ति ठप, लोग परेशान
गर्मी शुरू होते ही शहर में पेयजल संकट गहराने लगा है. अनियमित पेयजलापूर्ति होने लगी है. चार दिन से शहर में पेयजलापूर्ति ठप है.
चतरा. गर्मी शुरू होते ही शहर में पेयजल संकट गहराने लगा है. अनियमित पेयजलापूर्ति होने लगी है. चार दिन से शहर में पेयजलापूर्ति ठप है.इस वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सबसे अधिक परेशानी पाइपलाइन पेयजलापूर्ति पर आश्रित लोगों को हो रही है. चैती छठ पर पेयजलापूर्ति नहीं होने से व्रतियों को बहुत परेशानी हुई. लोग सुबह उठते ही पानी के जुगाड़ में लग जा रहे हैं. वे चापानलों का आयरनयुक्त पानी पीने को मजबूर हैं. कुछ लोग आरओ का पानी खरीद कर प्यास बुझा रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है. रशीद मियां, अमित कुमार व बजरंगी कसेरा ने बताया कि पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी पहल नहीं कर रहे हैं. नगर परिषद द्वारा भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. बता दें कि नगर परिषद द्वारा जल कर वसूला जाता है. इस संबंध में पीएचइडी विभाग के जेई राकेश पाल ने कहा कि हेरू डैम में पानी बहुत कम हो गया है, इसलिए भेड़ीफॉर्म स्थित लक्षणपुर डैम से पेयजलापूर्ति के लिए जोड़ा गया है. शुक्रवार या शनिवार से पेयजलापूर्ति शुरू हो जायेगी.
घर को क्षतिग्रस्त कर अनाज खा गये हाथी
सिमरिया. हाथियों के झुंड ने बुधवार रात टूटीलावा के पारटांड़ में जम कर उत्पात मचाया. इस दौरान हाथियों ने कैला भुइयां के घर को क्षतिग्रस्त कर दिया. साथ ही घर में रखा अनाज खा गये. इसके पहले हाथियों ने टूटीलावा गांव में लगी केले की फसल को रौंद कर बर्बाद कर दिया. बाद में ग्रामीणों ने एकजुट होकर पटाखा व ढोल की मदद से हाथियों को दूसरी ओर खदेड़ा. ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को भगाने व नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
