चतरा से मो० तसलीम की रिपोर्ट
झारखंड के चतरा जिले के अव्वल मुहल्ला स्थित निजी क्लिनिक में ईलाज के दौरान रविवार को 8 माह की बच्ची कान्हाचट्टी प्रखंड के धमधमा गांव निवासी मो साहेब की पुत्री शायरा नाज की मौत हो गयी. बच्ची के परिजनो ने डॉ नंदकिशोर जायसवाल पर गलत इलाज और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया. साथ ही परिजन और मुहल्ले के लोगो ने क्लिनिक के बाहर हंगामा किया.
बच्ची को उल्टी होने के बाद परिजन ले गए थे अस्पताल
इसकी सूचना पाकर पुलिस पदाधिकारी दल बल के साथ वहां पहुंचे और डॉक्टर को हिरासत में लेकर थाना लाया. हालांकि ढाई-तीन घंटे बाद डॉक्टर को छोड़ दिया गया. जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब दस बजे बच्ची को उल्टी होने के बाद परिजन उसे ईलाज के लिए डॉ नंदकिशोर के अव्वल मुहल्ला स्थित क्लिनिक पहुंचे. जहां डॉक्टर ने बच्ची को देखने के बाद कई तरह के टेस्ट कराने, स्लाइन चढ़ाया. स्लाइन में इंजेक्शन देते ही कुछ देर में बच्ची की स्थिति बिगड़ने लगी. इसके बाद आनन फानन में क्लिनिक के कर्मी सदर अस्पताल ले गये, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया.
परिजनों ने लगाया डॉक्टरों पर आरोप
घटना की सूचना मिलते ही काफी संख्या में परिजन और शहादत चौक के लोग पहुंच कर हंगामा किया. डॉक्टर को हिरासत में लेने के बाद सभी भीड़ थाना पहुंच गये. मामले को रफा दफा करने के लिए लोग लगे और डॉक्टर को थाना से ले गये. इस संबंध में थाना प्रभारी अनिल उरांव ने कहा कि हंगामा की सूचना पाकर डॉक्टर को हिरासत में लेकर थाना लाया गया. अब तक परिजनो द्वारा कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है. आवेदन मिलते ही आगे की कार्रवाई की जायेगी.
लापरवाही का आरोप गलत- डॉ नंदकिशोर
डॉ नंदकिशोर जायसवाल ने बच्ची के इलाज में किसी तरह की लापरवाही का आरोप को गलत बताया है. कहा कि बच्ची डिहाइड्रेेशन की स्थिति में क्लिनिक आयी थी. जांच के बाद उसे दवा और स्लाइन चढ़ाया जा रहा था. कुछ देर बाद बच्ची के शरीर में कंपन होने लगा. इसके बाद तत्काल स्लाइन रोक दी गयी और बच्ची को सदर अस्पताल भेजा गया.
