रिटायरमेंट के बाद समाज को कर रहे हैं जागरूक

सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होना जीवन का अहम मोड़ होता है.

चतरा. सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होना जीवन का अहम मोड़ होता है. कार्यकाल के दौरान व्यक्ति अपने परिवार, बच्चों की पढ़ाई, जीवन यापन की जिम्मेवारी निभाते हैं. लेकिन, रिटायर्ड होने के बाद उनकी एक नयी जिंदगी की शुरुआत होती है. सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक इसे अक्सर अवसर के रूप में लेते हैं. वे समाजसेवी, स्वास्थ्य, शिक्षा व पर्यावरण के प्रति जागरूक कर खुद को व्यस्त रख अगले पड़ाव की ओर बढ़ते हैं.

सामाज को जागरूक कर रहे हैं रामावतार रजक

जोरी के कटैया निवासी रामावतार रजक वर्ष 1985 में पंचायत सचिव बने. 31 वर्षो तक सेवा देने के बाद 2016 में टंडवा प्रखंड से सेवानिवृत्त हुए. इसके बाद समाज के किसानों को खेती करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. वहीं लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक कर रहे हैं.

पर्यावरण के प्रति ग्रामीणों को प्रेरित कर रहे हैं हरिहर महतो

घंघरी निवासी हरिहर महतो वर्ष 1980 में पंचायत सचिव बने. वे 24 वर्षो तक सेवा देने के बाद 2014 में चतरा सदर प्रखंड से सेवानिवृत्त हुए. इसके बाद पर्यावरण संरक्षण व सुरक्षित जीवन को लेकर जागरूक कर रहे हैं. वह ग्रामीणों को पर्यावरण के बचाव का संदेश दे रहे हैं.

सामाजिक कार्यो अहम भूमिका निभाते हैं गिरजा रजक

लोहसिंघना गांव निवासी गिरजा रजक की वर्ष 1971 में मिलिट्री यांत्रिकी सेवा (एमइएस) पर नौकरी हुई. 41 वर्षो तक सेवा देने के बाद 2012 में कमांड हॉस्पिटल कोलकाता से वह सेवानिवृत हुए. वे सामाजिक कार्यो में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैं. सुख-दुख में ग्रामीणों का साथ देते हैं.

बच्चों को नि शुल्क शिक्षा दे रहे हैं शमीम अहमद

जोरीकला के नूर मुहल्ला निवासी मो शमीम अहमद 1973 में शिक्षक बने. 40 वर्षो तक सेवा देने के बाद 2013 में यूएमएस होसिल से सेवानिवृत्त हुए. फिलहाल वह बच्चों को नि: शुल्क शिक्षा देने का काम कर रहे है. वहीं जीवन में उन्हें आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित करते रहते हैं.

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By ANUJ SINGH

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