टंडवा : तीन वर्ष पूर्व शुरू एशिया की सबसे बड़ी कोल परियोजनाओं में से एक मगध कोल परियोजना में रविवार से ताला लटक गया है. जमीन नहीं मिलने से खनन का कार्य पूरी तरह ठप हो गया है. खनन कर रही कंपनी ने नो वर्क नो पे का नोटिस चिपका दिया है, जिससे छह सौ वर्कर बेरोजगार हो गये है.
मगध परियोजना का शुभारंभ 2015 में मासिलौंग गांव में हुआ था. मासिलौंग में कोयला समाप्त होने के बाद सीसीएल ने कुंडी देवलगड्डा में 2017 में कोल परियोजना की शुरुआत की थी. यहां भी जमीन की समस्या शुरू हाे गयी. कुंडी देवलगड्डा माइंस भी कई बार बंद हो चुका है. कुंडी देवलगड्डा में कंपनी को 100 एकड़ जमीन की जरूरत थी, लेकिन स्थानीय लोग जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे थे. खान के बंद होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं.
