पश्चिमी सिंहभूम : दुबिल गांव के 150 परिवार जलापूर्ति योजना से वंचित, नाला का पानी पीते हैं ग्रामीण

सारंडा की छोटानागरा पंचायत अंतर्गत बाइहातु-आसन जलापूर्ति योजना से दुबिल गांव के मानकी टोला, हेन्देदिरी टोला, दुबिल टोला के लगभग 150 परिवारों को पानी नहीं मिल रहा है.

सारंडा की छोटानागरा पंचायत अंतर्गत बाइहातु-आसन जलापूर्ति योजना से दुबिल गांव के मानकी टोला, हेन्देदिरी टोला, दुबिल टोला के लगभग 150 परिवारों को पानी नहीं मिल रहा है. तीनों टोला के लोग गांव के बीच से गुजरने वाले नाला के किनारे चुआं बनाकर पीने का पानी लेने को विवश हैं. इस संबंध में सारंडा पीढ़ के मानकी लागुड़ा देवगम, मुखिया मुन्नी देवगम, जोजोगुटू मुंडा कानूराम देवगम, सुरेश हांसदा, देवेंद्र चाम्पिया, सलमी हांसदा, दुषा चाम्पिया, चुम्बरु चाम्पिया, दशरथ चाम्पिया, सोनिया बाडिंग, ईश्वर हांसदा, मुंडा राउतु चाम्पिया, प्रधान माझी, वीर सिंह हांसदा ने बताया कि तीनों टोली में लगभग 50-50 परिवार हैं.

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी योजना : ग्रामीण

ग्रामीणों ने कहा कि उम्मीद थी कि योजना का लाभ मिलेगा. गांव व सभी टोला में पाइप लाइन बिछायी गयी, लेकिन अधूरी छोड़ दी गयी. पाइप अब टूट गये हैं. आज तक एक बूंद पानी घरों तक नहीं पहुंचा. गर्मी में समस्या बढ़ जाती है. योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी है. विभागीय अधिकारी व ठेकेदार ने पैसों की बंदरबांट कर ली.

सेल प्रबंधन भी पेयजल की व्यवस्था नहीं कर सका

ग्रामीणों ने बताया कि गांव के पास सेल की चिरिया खदान (दुबिल माइंस) है. खदान से सबसे ज्यादा प्रभावित दुबिल गांव का उक्त टोला है. आज तक सेल प्रबंधन गांव में पेयजल की व्यवस्था नहीं कर पाया.

ग्रामीणों के दुबिल खदान में नहीं मिल रहा रोजगार

ग्रामीणों का कहना है कि दुबिल खदान में बेरोजगारों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है. लगभग 50 लोगों को पूर्व में रोजगार दिया गया था. सभी को दो वर्ष पहले काम से बैठा दिया गया. काम मांगने पर केस कर जेल भेजने की धमकी दी जाती है. मजदूरों का फाइनल पैसा का भुगतान भी आज तक नहीं किया गया.

सरकारी खर्च पर बने मुंडा भवन में चल रहा चर्च

ग्रामीणों ने कहा कि गांव में सांसद गीता कोड़ा के प्रयास से मुंडा भवन बनाया गया, लेकिन इस सरकारी भवन में चर्च संचालित हो रहा है. इससे ग्रामीणों में रोष है. आजतक भवन का उद्घाटन नहीं किया गया. सांसद को जल्द से जल्द मुंडा भवन का उद्घाटन करना चाहिए.

आर-पार की लड़ाई के मूड में ग्रामीण

मानकी लागुड़ा देवगम ने कहा कि सेल का चिरिया प्रबंधन बेरोजगारों को रोजगार, फाइनल पैसा का भुगतान, गांव में पेयजल व चिकित्सा सुविधा, दुबिल गांव में पानी की समस्या का समाधान होअन्यथा आरपार की लड़ाई लड़ी जायेगी. मुखिया मुन्नी देवगम ने कहा कि हम पंचायत के सर्वांगीण विकास के प्रति गंभीर हैं. विभाग से सहयोग नहीं मिल रहा है.

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