Chaibasa News :पेयजल संकट का समाधान नहीं हुआ, तो 15 दिन बाद एनएच जाम करेंगे ग्रामीण

सारंडा की गंगदा पंचायत के 14 गांवों के ग्रामीण गंदा पानी पीने को विवश

गुवा.

नक्सल प्रभावित सारंडा क्षेत्र की गंगदा पंचायत में वर्षों से चला आ रहा पेयजल संकट अब जनआक्रोश में बदल गया है. पंचायत के 14 गांवों के हजारों ग्रामीण आठ-नौ साल से पानी के लिए जूझ रहे हैं. जबकि सरकारी कागजों में करोड़ों रुपये की जलापूर्ति योजनाएं दिखा दी गयी हैं. इसे लेकर गंगदा गांव में मुंडा जोगो सुरीन और मुखिया राजू सांडिल की अध्यक्षता में बैठक हुई. इसमें ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि 15 दिनों के भीतर सभी गांवों में पाइपलाइन बिछाकर हर घर तक पानी नहीं पहुंचाया गया, तो एनएच-33 स्थित सलाई चौक को अनिश्चितकाल के लिए जाम कर दिया जायेगा.

कई बार आंदोलन के बाद भी प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान

ग्रामीणों ने कहा कि इससे पहले भी कई बार आंदोलन और सड़क जाम किया, पर हर बार प्रशासन, विभाग और संवेदक ने झूठे आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त करा दिया. मुखिया राजू सांडिल ने आरोप लगाया कि संवेदक हर आंदोलन के बाद केवल दिखावटी सक्रियता दिखाता है. जगह-जगह पाइप गिरा दिये गये हैं. जो महीनों से यूं ही पड़े हैं. ना बिछाया गया और ना ही कनेक्शन दिया गया. ग्रामीणों के अनुसार यह विकास नहीं, हमलोगों के साथ धोखाधड़ी है. ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2017-18 में मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना के तहत हर घर नल-जल देने का वादा किया गया था. 15 करोड़ रुपये की योजना की पूरी राशि निकाल ली गयी, पर आज भी आज भी अधिकांश गांवों में पाइपलाइन तक नहीं बिछायी गयी है. नल तो दूर की बात है. गर्मी में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग मीलों दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं. ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सड़क जाम होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग मनोहरपुर-चक्रधरपुर प्रमंडल और संबंधित ठेकेदार की होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: AKASH

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >