Chaibasa News : नक्सलवाद का अंत करीब, सरेंडर करें या अंजाम भुगतने को तैयार रहें : एसपी

नक्सलियों की कायरता का शिकार हो रहे मासूम ग्रामीण, विकास के लिए जनता का सहयोग जरूरी: रेनू

मनोहरपुर. जिस तरह मौसम का मिजाज बदल रहा है, ठीक उसी तरह सारंडा और आसपास के क्षेत्रों में नक्सली परिदृश्य भी तेजी से बदल रहा है. कल तक जो इलाके नक्सलवाद के गढ़ माने जाते थे, वे अब तेजी से नक्सलमुक्त हो रहे हैं. जिले में अब मात्र दो थाना क्षेत्र ही नक्सल प्रभावित बचे हैं. ये बातें जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित रेनू ने मनोहरपुर थाना में आयोजित सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में कहीं.

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए एसपी ने कहा कि नक्सलियों की कायराना हरकतों (आइइडी ब्लास्ट) के कारण न केवल हमारे बहादुर जवान शहीद हुए हैं, बल्कि कई निर्दोष ग्रामीण भी इसका शिकार हुए हैं. उन्होंने कहा कि जहां आप हरियाली और नदियां देखते हैं, वहां अचानक आइइडी ब्लास्ट होता है. इससे होने वाली मौतों और अपंगता का बोझ पूरे परिवार पर पड़ता है. यह नक्सलियों की कायरता है. उन्होंने हिंसा में मारे गए और घायल हुए ग्रामीणों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और पुलिस की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया.

विकास की राह में पुलिस और जनता का साथ

एसपी ने कहा कि पुलिस और सीआरपीएफ के जवान उन क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं जहां पहले पहुंचना असंभव माना जाता था. उन्होंने कहा कि एक बार नक्सलवाद की समस्या समाप्त हो जाए, तो क्षेत्र में पूर्ण विकास होगा. उन्होंने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि पुलिस आपकी सुरक्षा के साथ-साथ आपकी अन्य समस्याओं में भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है.

पीड़ितों को सहायता और सम्मान:

कार्यक्रम के दौरान नक्सली हिंसा में शहीद ग्रामीणों (नेलसन भेंगरा, सुनील सुरीन, सानियारों गगराई, पालो बोदरा आदि) के परिजनों और घायलों को पुलिस प्रशासन की ओर से राहत सामग्री वितरित की गयी. कार्यक्रम का संचालन प्रधानाध्यापिका संध्या सुरेन ने किया. कार्यक्रम में सीआरपीएफ 134 बटालियन के कमांडेंट त्रिलोकी नाथ, प्रशिक्षु आइपीएस राज कुमार, डीएसपी किरीबुरु अजय केरकेट्टा, डीएसपी मनोहरपुर जयदीप लकड़ा, प्रशिक्षु डीएसपी प्रदीप कुमार, बीडीओ शक्ति कुंज, सीओ प्रदीप कुमार, और विभिन्न थानों के प्रभारी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

पुनर्वास नीति का लाभ उठायें मुख्यधारा से भटके लोग

एसपी अमित रेनू ने कहा कि नक्सली झारखंड सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों. जिस तरह अन्य राज्यों में बड़े नक्सली नेताओं ने आत्मसमर्पण किया है, उसी तरह बिना शर्त सरेंडर करें, अन्यथा अंजाम बहुत बुरा होगा.

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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