Chaibasa News : आश्वासन से नहीं बुझेगी प्यास, पानी चाहिए

बंदगांव. कराइकेला पंचायत में ~14 करोड़ की जलापूर्ति योजना दो माह से ठप, ग्रामीणों ने कार्यालय घेरा

बंदगांव. एक तरफ सरकार हर घर नल से जल पहुंचाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर विभागीय लापरवाही के कारण नकटी में 14 करोड़ रुपये की लागत से बनी कराइकेला ग्रामीण जलापूर्ति योजना पिछले दो माह से ठप पड़ी है. भीषण गर्मी के बीच पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे कराइकेला पंचायत के लालबाजार के सैकड़ों ग्रामीणों ने गुरुवार को नकटी स्थित विभागीय कार्यालय का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की.

तकनीकी व वित्तीय जांच की उठी मांग :

घेराव के दौरान अरुण कालंदी, देवनंदन कालंदी और भारती कालंदी ने योजना के रखरखाव पर गंभीर सवाल उठाये. ग्रामीणों ने इस करोड़ों की योजना की तकनीकी और वित्तीय जांच की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द जलापूर्ति बहाल नहीं हुई, तो वे सड़क जाम कर उग्र आंदोलन करेंगे. ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए स्थानीय विधायक सुखराम उरांव से भी मिलकर हस्तक्षेप की अपील करने का निर्णय लिया है. इस घेराव प्रदर्शन में मुख्य रूप से अरुण कालंदी, देवनंदन कालंदी, नदिया कालिंदी, भारती कालिंदी, अनिता कालिंदी, शुबद्रा कालिंदी, कल्पना कालिंदी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और पुरुष शामिल थे. ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर पानी चाहिए.

तकनीकी खराबी जल्द दूर होगी : विभागीय कर्मी

घेराव के दौरान पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कर्मचारी हेमंत गागराई ने ग्रामीणों के समक्ष अपना पक्ष रखा. उन्होंने बताया कि इंटेक वेल में लगा विद्युत मीटर खराब हो गया है. हमने बिजली विभाग को मीटर बदलने के लिए लिखित आवेदन दिया है, लेकिन अब तक तकनीकी खराबी दूर नहीं की गयी है. इसी वजह से पंप हाउस से पानी की सप्लाई बाधित है.

दूषित पानी पीने को
 विवश हैं ग्रामीण

ग्रामीणों ने बताया कि इस वृहद योजना का उद्देश्य नकटी, कराइकेला, हुडंगदा समेत दर्जनों गांवों के लगभग 2500 परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना था. पर हकीकत यह है कि पाइपलाइनें सूखी हैं और जलमीनार खाली पड़े हैं. लालबाजार निवासी ग्रामीणों ने दर्द साझा करते हुए कहा कि गांव के चापाकल भी जवाब दे चुके हैं, जिससे लोग कुएं और तालाब का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं. इससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है.

ग्रामीणों ने मुखिया से रखी सड़क और पानी की मांग

बंदगांव. बंदगांव प्रखंड के हुवांगडीह गांव में गुरुवार को समस्याओं को लेकर बैठक हुई. ग्राममुंडा प्रेमचंद हपतगड़ा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में मुखिया सीमा चांपिय उपस्थित रहीं. ग्रामीणों ने मुखिया के समक्ष अपनी समस्याओं को रखा. ग्रामीणों ने मुख्य रूप से ग्राम बंकुरकेल मुख्य मार्ग से हुवांगडीह तक पक्की सड़क के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया. इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने बताया कि गांव के आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कार्य पिछले कई वर्षों से अधूरा पड़ा है. इससे बच्चों और महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में कठिनाई हो रही है.बढ़ती गर्मी और क्षेत्र में जलस्तर की गिरावट को देखते हुए ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों से गांव में अविलंब डीप बोरिंग कराने की मांग की. मुखिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि हुवांगडीह की समस्याएं जायज हैं. इसे पूरा कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर पहल की जाएगी. इस अवसर पर मुखिया प्रतिनिधि राजेंद्र चम्पिया, सीतुम बोदरा, सुमन हपतगड़ा समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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