जैंतगढ़ : जैंतगढ़ स्थित वैतरणी नदी पर बना वैतरणी पुल सीमावर्ती क्षेत्र के लिए किसी लाइफलाइन से कम नहीं है. भौगोलिक दृष्टि से यह पुल झारखंड और ओडिशा के बीच मुख्य संपर्क मार्ग का काम करता है, लेकिन अब इसकी जर्जर हालत लोगों की चिंता बढ़ा रही है. पुल तेजी से खराब हो रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं हुई, तो यह चंद दिनों का ही मेहमान साबित हो सकता है.
दो वर्षों से उठ रही मरम्मत की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से पुल की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. मरम्मत और नए निर्माण की मांग पर लोगों ने जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और सरकार तक अपनी बात पहुंचाई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है. एनएच - 20 पर स्थित यह पुल झारखंड को ओडिशा से जोड़ता है. यह केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक मार्ग भी है. खनन क्षेत्र से निकलने वाला कच्चा माल इसी रास्ते से ओडिशा होते हुए झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश तक पहुंचता है. वहीं, झारखंड से सीमेंट, कोयला और अन्य तैयार सामग्री भी इसी मार्ग से भेजी जाती है.
पुल पर गड्ढे, बाहर निकल रही सरिया
पुल की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं. कई स्थानों पर सरिया बाहर निकल आई है. पानी निकासी के लिए बने छिद्र बंद होने के कारण पुल पर हमेशा पानी जमा रहता है. हालत यह है कि छोटे वाहन गुजरने पर भी पुल में कंपन महसूस होती है. उधर, पुल से जुड़ी एप्रोच सड़क भी बदहाल हो चुकी है. खासकर ओडिशा की ओर सड़क पर मिट्टी डालने के बाद स्थिति और खराब हो गई है. सड़क और पुल पर कीचड़ जमा होने से वाहनों का आवागमन प्रभावित हो रहा है. बस, ट्रक, पिकअप और स्कूल वैन तक रास्ते में फंस रहे हैं.
फंसा ट्रक, घंटों प्रभावित रहा आवागमन
मंगलवार सुबह ओडिशा की ओर एप्रोच सड़क पर एक ट्रक गड्ढे में फंस गया. इस दौरान ट्रक का गुल्ला टूट गया. काफी मशक्कत के बाद वाहन की मरम्मत कर उसे बाहर निकाला गया. विशेषज्ञों का मानना है कि तत्काल राहत के लिए पुल पर जमी कीचड़ को हटाकर पानी निकासी के छिद्रों को साफ किया जा सकता है. साथ ही गड्ढों में प्रीमिक्स चिप्स भरकर पीसीसी या कालीकरण की एक परत बिछाने से पुल को दोबारा चलने योग्य बनाया जा सकता है.
