चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन और मालगोदाम क्षेत्र के आधुनिकीकरण को लेकर रेलवे प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. रेलवे सैलून साइडिंग, लूप लाइन और नये प्लेटफॉर्म के निर्माण को लेकर मंगलवार को रेल भूमि पर अवैध रूप से बने झुग्गी-झोपड़ियों और मकानों को हटाने का अभियान शुरू किया गया. मंगलवार सुबह 10 बजे से आरपीएफ ओसी प्रभारी कमलेश सोरेन की मौजूदगी में गैंगखोली और मालगोदाम क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया. पहले दिन कार्रवाई करते हुए कुल 25 झुग्गी-झोपड़ियों और खटालों को हटाकर रेल भूमि को पूरी तरह खाली कराया गया. रेलवे प्रशासन के मुताबिक, अतिक्रमण हटाने का यह कार्य आगे भी जारी रहेगा. मालूम हो कि रेलवे ने दो महीने पहले ही इस क्षेत्र में करीब 150 झुग्गी-झोपड़ियों को खाली करने का नोटिस जारी किया था.
पीड़ितों ने मांगी मोहलत, खुद खाली किया सामान
कार्रवाई के दौरान जब पीड़ितों ने रेलवे अधिकारियों से कुछ समय की मोहलत मांगी, तो आरपीएफ ने उन्हें अपनी झोपड़ियां स्वयं खाली करने का निर्देश दिया. आरपीएफ द्वारा सख्त चेतावनी दी गयी कि यदि समय रहते अंदर का सामान नहीं निकाला गया, तो बलपूर्वक कार्रवाई कर उसे हटा दिया जाएगा. चेतावनी के बाद लोगों ने विरोध करने के बजाय स्वयं ही झोपड़ियों से अपना सामान बाहर निकालना शुरू कर दिया. लोग अपनी सुविधा के अनुसार ठेला, रिक्शा और अन्य साधनों के जरिए घर के बर्तनों, कपड़ों और अन्य सुरक्षित सामान को लेकर दूसरे स्थानों की ओर जाते दिखे.
महिलाओं का दर्द: ””””हमारे पूर्वजों को रेलवे ने ही बसाया था, अब बारिश में कहां जाएं
अतिक्रमण हटाने के दौरान गैंगखोली की महिला लक्ष्मी मुखी, गीता नाग और संगीता मुखी सहित अन्य महिलाओं ने रेलवे की इस कार्रवाई पर अपना दर्द बयां किया. उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि यह रेलवे की जमीन है और जरूरत पड़ने पर रेलवे इसे कभी भी वापस ले सकता है. इसलिए हम कोई विरोध नहीं कर रहे हैं. लेकिन बिना किसी तात्कालिक अंतिम सूचना के अचानक की गयी इस कार्रवाई से हम आहत हैं. हमें घर खाली करने के लिए कम से कम एक साल की मोहलत मिलनी चाहिए थी ताकि हम रहने की वैकल्पिक व्यवस्था कर पाते. महिलाओं ने भावुक होते हुए कहा कि कई दशक पहले रेलवे ने ही उनके पूर्वजों को गैंगखोली में बसाया था. तब से वे रेलवे अधिकारियों और रेलकर्मियों के घरों व कार्यालयों में काम करके अपनी आजीविका चला रही हैं. अब अचानक झोपड़ियां हटने से वे अपने बच्चों और परिवार को लेकर इस तपती धूप और आने वाली बारिश में कहां जाएंगी. उन्होंने मांग की है कि रेलवे उन्हें रहने के लिए कोई दूसरा वैकल्पिक स्थान मुहैया कराए. महिलाओं ने नाराजगी जताते हुए यह भी कहा कि बड़े लोग गरीबों के वोट से जीतते हैं, लेकिन मुसीबत के समय कोई भी गरीब का साथ देने नहीं आता.
मालगोदाम क्षेत्र में जल्द शुरू होगा विकास कार्य, मेमू ट्रेनों के लिए बनेगा नया प्लेटफॉर्म
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, चक्रधरपुर स्टेशन से सटे मालगोदाम क्षेत्र को आने वाले दिनों में काफी विकसित किया जाएगा. यहां जल्द ही नया प्लेटफॉर्म, सैलून साइडिंग और लूप लाइन का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है. इस साइडिंग के बनने से रेल अधिकारियों के सैलून (विशेष निरीक्षण बोगियों) का आवागमन सुगम हो जाएगा. यहां बनने वाले नए प्लेटफॉर्म से स्थानीय यात्रियों के लिए मेमू ट्रेनें खोली जाएंगी. इस विकास योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए हाल ही में चक्रधरपुर के डीआरएम और वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने इस स्थल का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के बाद ही संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए थे कि निर्माण कार्य में आने वाले सभी व्यवधानों को जल्द से जल्द दूर किया जाए.
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