चक्रधरपुर. पुणे-सांतरागाछी (20821) हमसफर एक्सप्रेस के अत्यधिक विलंब से चलने के कारण बुधवार को चक्रधरपुर स्टेशन पर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा. मतदान के लिए समय पर पश्चिम बंगाल पहुंचने की जल्दी में सैकड़ों यात्रियों ने ट्रेन से उतरकर इंजन के आगे रेलवे ट्रैक जाम कर हंगामा किया. जानकारी के अनुसार, हमसफर एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब 22 घंटे की देरी से चल रही थी. बुधवार की सुबह 11.38 बजे ट्रेन चक्रधरपुर स्टेशन पहुंची, तो यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया. यात्रियों का कहना था कि ट्रेन की लेटलतीफी के कारण वे चुनाव में मतदान करने से वंचित हो सकते हैं. इस मांग को लेकर वे ट्रैक पर डट गये, जिससे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ मामला:
सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे. आक्रोशित यात्रियों से वार्ता की. अधिकारियों ने यात्रियों को समझाया कि मार्ग बाधित करने से ट्रेन और अधिक लेट होगी. काफी मशक्कत और शीघ्र गंतव्य तक पहुंचाने के आश्वासन के बाद यात्री शांत हुए और वापस ट्रेन में सवार हुए. यात्रियों के प्रदर्शन के कारण हमसफर एक्सप्रेस चक्रधरपुर स्टेशन पर करीब 16 मिनट तक रुकी रही. इसके बाद ट्रेन को अगले गंतव्य के लिए रवाना किया गया. रेलवे सूत्रों के अनुसार, इस ट्रेन के शाम 6 बजे तक सांतरागाछी पहुंचने की संभावना है.
चक्रधरपुर-टाटानगर रेलखंड में हाइ लेवल सेफ्टी ऑडिट 21-22 को
चक्रधरपुर. हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर स्थित टाटानगर-चक्रधरपुर रेलखंड में परिचालन सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय इंटर जोनल सेफ्टी ऑडिट का निर्णय लिया है. दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे (बिलासपुर) समेत विभिन्न जोन के वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड के अधिकारी मूल्यांकन करेंगे. इस संबंध में बिलासपुर जोन के उपमुख्य संरक्षा अधिकारी (यातायात) मनोज कुमार शाह ने चक्रधरपुर रेल मंडल को पत्र जारी कर 21 और 22 मई का कार्यक्रम तय किया है. ऑडिट का मुख्य उद्देश्य रेलवे प्रणाली में दक्षता बढ़ाना और सुरक्षा बुनियादी ढांचे का उचित रखरखाव सुनिश्चित करना है. भारतीय रेल के लिए यह खंड सामरिक और व्यावसायिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस मार्ग से देश की सबसे बड़ी कोयला ढुलाई परियोजनाओं को संचालित किया जाना है. 21 मई को उच्चाधिकारी चक्रधरपुर स्टेशन, यार्ड, क्रू व गार्ड लॉबी और रनिंग रूम का निरीक्षण करेंगे. वहीं, महालीमोरुप स्टेशन, यार्ड, रेलवे फाटक (एलसी गेट), घुमावदार ट्रैक (कर्व), ब्रिज और सिग्नल प्रणाली की बारीकी से जांच होगी.
22 मई को टीम टाटानगर पहुंचेगी.
यहां स्टेशन, यार्ड, रनिंग रूम के साथ-साथ एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन और चिकित्सा यान का निरीक्षण होगा.
जमीनी स्तर पर होगी जोखिमों की समीक्षा:
ऑडिट के दौरान कर्मचारियों का फीडबैक लिया जायेगा. ट्रैक रखरखाव की प्रक्रिया, सिग्नलिंग सिस्टम की कार्यक्षमता और संभावित जोखिमों को कम करने के उपायों पर विस्तृत समीक्षा होगी. इसी खंड पर वर्तमान में देश की बड़ी रेल परियोजनाओं का काम चल रहा है.