Chaibasa News : जमशेदपुर में युवक की मौत का मामला, नौ माह बाद आयोग ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट

मामले को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन की श्रेणी में मानते हुए जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से चार सप्ताह के भीतर विस्तृत एक्शन रिपोर्ट तलब किया

चक्रधरपुर.

पूर्वी सिंहभूम जिले के जुगसलाई थाना क्षेत्र से जुड़े एक युवक की संदिग्ध मौत के मामले में लगभग नौ माह बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नयी दिल्ली ने संज्ञान लिया है. आयोग ने मामले को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन की श्रेणी में मानते हुए जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से चार सप्ताह के भीतर विस्तृत एक्शन रिपोर्ट तलब किया है. यह मामला उस वक्त चर्चा में आयी थी, जब युवक के लापता होने के बावजूद समय रहते न तो गुमशुदगी की विधिवत प्राथमिकी दर्ज की गयी और न ही खोजबीन में अपेक्षित गंभीरता दिखायी गयी. पीड़ित परिवार के अनुसार, युवक के अचानक लापता होने के बाद परिजन लगातार थाना और वरीय पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे, पर प्रशासनिक उदासीनता के चलते शुरुआती स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. परिजनों का कहना है कि बाद में 3 मई 2025 को युवक का शव बरामद हुआ. पर मौत के कारणों को लेकर आज तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है. पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्होंने थाना, जिला प्रशासन और पुलिस के वरीय अधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी, पर महीनों तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया. चक्रधरपुर के मानवाधिकार कार्यकर्ता बैरम खान एवं अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर लगातार प्रयास किए. उन्होंने मामले से जुड़े तथ्यों, दस्तावेजों और परिजनों की शिकायतों को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया. इन्हीं निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप आयोग ने 30 जनवरी 2026 को मामले में हस्तक्षेप करते हुए पुलिस से चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.

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Author: ATUL PATHAK

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