चक्रधरपुर.
हावड़ा से राउरकेला जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस (20871) गुरुवार को बड़े हादसे का शिकार होने से बच गयी. दक्षिण-पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल के टुनिया स्टेशन के पास वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच संख्या सी-12 के पहिये से आग की चिंगारी और धुआं उठने लगा. टुनिया में रेलकर्मियों ने हॉट एक्सेल को देख कर लोको पायलट को ट्रेन रोकने का संकेत दिया. लोको पायलट ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन रोक दी. वहीं, ट्रेन के कोच से धुआं उठने और जलने की गंध महसूस होने पर यात्रियों में अफरातफरी का माहौल बन गया. जैसे ही ट्रेन टुनिया स्टेशन पर रुकी, यात्री अपना सामान छोड़कर कोच से नीचे उतर गये. ट्रेन के रुकते ही तकनीकी टीम ने अग्निशामक यंत्र से छिड़काव कर आग पर काबू पाया. दूसरी ओर, हादसे की जानकारी मिलते ही चक्रधरपुर स्टेशन पर दोपहर 12:40 बजे चार हूटर (सायरन) बजाये गये, जिससे रेलकर्मियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया. मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए दोपहर 1:10 बजे एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया. दुरंतो एक्सप्रेस से भेजे गये यात्रीरेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा और उनके डर को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया. वंदे भारत के सभी यात्रियों को दुरंतो, जनशताब्दी व इस्पता एक्सप्रेस में शिफ्ट किया गया और उन्हें गंतव्य स्टेशन राउरकेला तक सुरक्षित पहुंचाया गया. करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इंजन के हॉट एक्सेल को दुरुस्त कर वंदे भारत को रवाना किया जा सका.
टुनिया में एक घंटा जांच के बाद ट्रेन रद्द
चालक के ट्रेन को रोकते ही रेलकर्मी कोच सी-12 की ओर बढ़े और हॉट एक्सेल की आग को बुझाया गया. वहीं, टेक्निकल टीम ने एक घंटा तक तकनीकी जांच के बाद ट्रेन को टुनिया से आगे के सफर के लिए रद्द कर दिया. इसकी तकनीकी खराबी को ठीक कर वापस भेज दिया गया.
