चाईबासा. पश्चिमी सिंहभूम जिले में पिछले एक सप्ताह से मौसम के मिजाज में आ रहे भारी उतार-चढ़ाव ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. दिन की चिलचिलाती धूप और रात की कनकनी वाली ठंड का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. तापमान के इस ””””डबल अटैक”””” के कारण शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग मौसमी बीमारियों, विशेषकर वायरल फीवर और सर्दी-खांसी की चपेट में आ रहे हैं.
33 डिग्री की दिन और 11 डिग्री की रात :
वर्तमान में जिले का अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रह रहा है, जो दोपहर में चुभन वाली गर्मी का अहसास कराता है. वहीं, रात होते ही पारा लुढ़ककर 11-12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जा रहा है. आलम यह है कि दोपहर में पंखे चल रहे हैं, तो देर रात और सुबह लोगों को कंबल की जरूरत पड़ रही है. शाम को अचानक गिरता पारा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को प्रभावित कर रहा है, जिससे बच्चे और बुजुर्ग तेजी से संक्रमित हो रहे हैं.अस्पताल की ओपीडी में बढ़ी भीड़, रोजाना पहुंच रहे 300 मरीज :
मौसम में आये इस बदलाव का असर सदर अस्पताल चाईबासा की ओपीडी में साफ देखा जा सकता है. पिछले एक सप्ताह से मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. राहत की बात यह है कि अधिकतर मरीज सामान्य वायरल फीवर, बदन दर्द और सर्दी-खांसी के हैं.सतर्कता ही बचाव है : डॉ प्रिंस पिंगुवा
सदर अस्पताल चाईबासा के सर्जन डॉ. प्रिंस पिंगुवा ने बताया कि दिन में गर्मी और रात की ठंडक वायरल फीवर, गले में खराश और अस्थमा जैसी समस्याओं को न्योता देती है. जब तक रात और सुबह की ठंडक में कमी नहीं आ जाती, तब तक सर्दी-खांसी की संभावना बनी रहेगी. इसलिए शरीर को मौसम के अनुकूल ढालने के लिए गर्म कपड़ों का प्रयोग सुबह-शाम जरूर करें. उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि केवल दवाइयों पर निर्भर न रहें, बल्कि बचाव के तरीके अपनाएं.अस्पताल की ओपीडी रिपोर्ट
तिथि मरीजों की संख्या12 फरवरी 263
13 फरवरी 29614 फरवरी 273
16 फरवरी 27917 फरवरी 290
ये है तापमान
तिथि अधिकतम न्यूनतम 12 फरवरी 32.8 13.413फरवरी 32.4 12.4
14फरवरी 32.8 13.015फरवरी 32.4 12.8
16फरवरी 33.4 11.617 फरवरी 33.6 12.6
