Chaibasa News : टीइटी उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता न्यायसंगत नहीं : शिक्षक संघ

अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्रोन्नति की मांग को लेकर गुरुवार को उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है.

चाईबासा.

अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्रोन्नति की मांग को लेकर गुरुवार को उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है. संघ के महासचिव असीम कुमार सिंह ने बताया कि संसद द्वारा अधिनियमित आरटीई कानून 2009 के आलोक में एनसीटीई की अधिसूचना संख्या 24/2017 के पैरा-4 व भारत सरकार के अन्य आदेशों के प्रतिकुल एक सितंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या 1385/2025 में पारित प्रतिकुल आदेश से झारखंड सहित देश के लाखों शिक्षकों की प्रोन्नति और सेवा खतरे में आ गयी है.इस निमित प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को तथ्यों से अवगत कराते हुए विशेष कदम उठाने की मांग की गयी है.

श्री सिंह ने बताया कि पारित न्यायादेश के अनुसार निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम 2009 के तहत शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित न्यूनतम अहर्ता निर्धारण तिथि 23 सितंबर 2010 से पूर्व के नियुक्त सेवारत शिक्षकों के लिए भी टीईटी उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता की गयी है. उक्त आलोक में टीईटी उत्तीर्ण नहीं करने की स्थिति में शिक्षकों को न सिर्फ प्रोन्नति से वंचित रहना पड़ेगा बल्कि उन्हें सेवामुक्त भी कर दिया जाएगा जो न्यायसंगत नहीं है. ज्ञापन सौंपने वालों में संघ के कोल्हान प्रमंडल अध्यक्ष अजय साहू, जिलाध्यक्ष उपेंद्र सिंह के अलावा काफी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे.

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