चाईबासा. पिछले 37 दिनों से जारी ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध के वैश्विक असर ने अब स्थानीय स्तर पर रसोई और व्यापार की कमर तोड़ दी है. गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के कारण ग्राहकों में पैनिक की स्थिति बनी हुई है. हालांकि, गैस एजेंसी संचालकों का दावा है कि स्थिति अब धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है, लेकिन धरातल पर होटल और ढाबा संचालकों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं.
ठप होने की कगार पर छोटे होटल :
कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की अनुपलब्धता ने सबसे ज्यादा छोटे होटल संचालकों को प्रभावित किया है. कई दुकानें ठप होने की कगार पर हैं. वहीं, मध्यम और बड़े होटलों ने इंडक्शन, लकड़ी, कोयला और गुल के भरोसे किसी तरह अपना काम चालू रखा है. स्थिति यह है कि गैस के अभाव में होटलों को अपने मेन्यू में 70 से 80 फीसदी तक की कटौती करनी पड़ी है. मनपसंद डिसेज न मिलने के कारण ग्राहकों ने भी होटलों से दूरी बना ली है, जिससे संचालकों की कमाई पर भारी बट्टा लग रहा है.
