चक्रधरपुर. हावड़ा से अहमदाबाद जा रही (12834) हावड़ा-अहमदाबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस के सामने सोमवार देर रात अचानक हाथियों का झुंड आ गया. घटना करीब रात 1.42 बजे की है, जब ट्रेन खड़गपुर रेलमंडल के कलाइकुंडा-सरडीहा रेलखंड (किमी संख्या 125/35) से गुजर रही थी. चक्रधरपुर के लोको पायलट ए खालको और सहायक लोको पायलट एसएन सोरेन ने घने जंगल होने के बावजूद ट्रैक पर हाथियों को देख लिया. लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी. हाथियों से महज 10 मीटर की दूरी पर ट्रेन रुक गयी. इस अचानक ब्रेक से ट्रेन में सवार यात्री भी कुछ देर के लिए सहम गये.
दपू रेलवे के हावड़ा-मुंबई मुख्य मार्ग पर स्थित है एलीफेंट जोन
यह रेलखंड दपू रेलवे के हावड़ा-मुंबई मुख्य मार्ग पर स्थित है, जो एलीफेंट जोन के रूप में जाना जाता है. घना जंगल होने के कारण यहां अक्सर हाथियों का विचरण होता है. लोको पायलटों को इस क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने और कम गति से ट्रेन चलाने के निर्देश दिए जाते हैं ताकि वन्यजीवों और रेल यात्रियों दोनों की सुरक्षा की जा सके.
चक्रधरपुर रेल मंडल में बनेंगे 17 कॉरिडोर और अंडरपास
रेलवे ट्रैक पर हाथियों के आने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए रेल मंत्रालय ने दक्षिण पूर्व रेलवे को विशेष निर्देश दिये हैं. इसके तहत हाथियों के सुरक्षित आवागमन के लिए कॉरिडोर, अंडरपास और ओवरब्रिज का निर्माण किया जायेगा. चक्रधरपुर रेल मंडल में कुल 17 कॉरिडोर, अंडरपास और ओवरब्रिज बनाने का टेंडर निकाला गया है. इसका मुख्य उद्देश्य ट्रेनों के पटरी से उतरने की संभावना को रोकना, यात्रियों की संरक्षा और रेल संपत्ति की हानि से बचाना है.
लोको पायलट को रात में सतर्कता से ट्रेन चलाने के निर्देश
हाथियों की सुरक्षा के लिये रेलवे परिचालन विभाग ने हावड़ा-मुंबई मुख्य रेलमार्ग स्थित कलाइकुंडा-सरडीहा रेलखंड में लोको पायलटों को सतर्कता से ट्रेन चलाने का निर्देश दिया गया है. रात में चलने वाली सभी ट्रेनों के लोको पायलटों को कॉशन ऑर्डर देकर ट्रैक पर पैनी नजर रखने और हॉर्न बजाते हुये ट्रेनों को धीमी गति से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया है.
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