मुखिया अपनी पंचायत के मुख्यमंत्री, सर्वांगीण विकास पर काम करें : दीपिका पांडेय

- कोल्हान विवि सभागार में प्रमंडल स्तरीय मुखिया सम्मेलन आयोजित

– कोल्हान विवि सभागार में प्रमंडल स्तरीय मुखिया सम्मेलन आयोजित – सम्मेलन में कोल्हान प्रमंडल के कुल 580 मुखिया हुए शामिल – उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रमंडल के मुखिया मंच से सम्मानित हुए – इस वर्ष से मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना शुरू होगी प्रतिनिधि, चाईबासा त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में मुखिया अपनी पंचायत के मुख्यमंत्री की तरह हैं. वे व्यवस्था की वह मजबूत कड़ी हैं, जिनकी बदौलत गांवों का सर्वांगीण विकास संभव है. उक्त बातें झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहीं. वे सोमवार को कोल्हान विश्वविद्यालय सभागार में कोल्हान प्रमंडल स्तरीय मुखिया सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं. सम्मेलन में पश्चिमी सिंहभूम से 217, पूर्वी सिंहभूम से 231 और सरायकेला-खरसावां से 132 मुखिया शामिल हुए. विकास के लिए हर पंचायत को मिलेंगे 52 लाख रुपये मंत्री ने बताया कि राज्य गठन के बाद पहली बार पंचायतों को 15वें वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग से रिकॉर्ड राशि मिली है. इस बार हर पंचायत के हिस्से में करीब 52 लाख रुपये आए हैं, जो अगले 10 से 15 दिनों में पंचायतों तक पहुंच जाएंगे. इस राशि का उपयोग चापाकल की मरम्मत और टैंकर जैसे जरूरी जल संकट प्रबंधन के लिए किया जा सकता है. पंचायतों में लाइब्रेरी व डिजिटलीकरण पर जोर मंत्री ने ग्रामीण युवाओं के लिए ज्ञानकेंद्र योजना का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत भवन को लाइब्रेरी के लिए 4 लाख 20 हजार रुपये दिए जा रहे हैं. वर्तमान में 96 प्रतिशत पंचायतों में लाइब्रेरी का निर्माण पूरा हो चुका है. डिजिटल पंचायत योजना के माध्यम से गांवों को सशक्त बनाया जा रहा है. पेसा कानून से ग्रामसभा को मिली शक्ति, महिलाएं होंगी सशक्त मंत्री ने पेसा नियमावली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने पारंपरिक ग्राम सभाओं को जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की वास्तविक शक्ति प्रदान की है. उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि पहली बार नियमावली में महिलाओं को सचिव बनने का प्रावधान किया गया है, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम है. अगले साल ओबीसी आरक्षण के साथ होंगे पंचायत चुनाव सम्मेलन के दौरान मंत्री ने घोषणा की, विभाग अगले साल समय पर पंचायत चुनाव कराने की तैयारी कर रहा है. ये चुनाव 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के आधार पर संपन्न कराये जाएंगे. विभाग मुखिया के साथ पंचायत समिति सदस्य और वार्ड सदस्य को लेकर भी गंभीर है. जो राशि पंचायतों में भेजी जा रही है, उसका 15 प्रतिशत पंचायत समिति के सदस्यों को विकास योजनाओं के लिए मिलता है. चुनौतियों से लड़ते हुए बेहतर काम कर रहे मुखिया राज्य के मुखिया कई चुनौतियों और परिस्थितियों से लड़ते हुए समाज के लिए बेहतर काम कर रहे हैं. आज उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित किया गया है. मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना इस वर्ष से लागू की जा रही है. इसके तहत कुल 03 सूचकांक के तहत पंचायत को पुरस्कृत किया जायेगा. मुखिया पंचायतों का विकास करें : जोबा सांसद जोबा माझी ने कहा कि सभी मुखिया अपनी पंचायत में विकासात्मक कार्य के लिए लगातार प्रयासरत हैं. सरकार आपको राशि उपलब्ध करवाती है, जिसका प्रयोग सूचीबद्ध तरीके से करते हुए पंचायत और गांव का विकास का कार्य करेंगे. सम्मेलन को विधायक सोना राम सिंकू, पंचायती राज निदेशक राजेश्वरी बी ने मुख्य रूप से संबोधित किया. कई मुखिया ने अपने अनुभव साझा किये सम्मेलन में कोल्हान के कई मुखिया ने अपनी सफल यात्रा के साथ खट्टे-मीठे अनुभव को साझा किया. मौके पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रमंडल के मुखियाओं को मंच से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में सांसद जोबा माझी, विधायक सोनाराम सिंकू, पंचायती राज निदेशक राजेश्वरी बी, उपायुक्त चंदन कुमार सहित तीनों जिलों के आला अधिकारी और बड़ी संख्या में जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे. अतिथियों का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया गया.

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Author: ANUJ KUMAR

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