चक्रधरपुर. बिलासपुर जोनल टीम ने किया टाटा-चक्रधरपुर रेलखंड का उच्च स्तरीय संरक्षा ऑडिट, कहा प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी अनूप कुमार सत्पथी के नेतृत्व में की गयी जांच
रेलवे प्रणाली और सुरक्षा मानकों को पाया पूरी तरह दुरुस्त
प्रतिनिधि,चक्रधरपुर
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर के वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (एसएजी) के अधिकारियों ने शुक्रवार को चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत टाटानगर-चक्रधरपुर रेलखंड का उच्च स्तरीय संरक्षा (सेफ्टी) ऑडिट किया. बिलासपुर के प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी अनूप कुमार सतपथी के नेतृत्व में आये एसएजी समूह का मुख्य उद्देश्य परिचालन सुरक्षा को मजबूत करना, रेलवे प्रणाली में दक्षता बढ़ाना, संरक्षा के बुनियादी ढांचे का उचित रखरखाव सुनिश्चित करना और निर्धारित सुरक्षा मानदंडों की जांच करना था.टीम ने कहा कि इस रेल खंड में यात्री ट्रेनें समय पर चलेंगी, इसके लिए संरक्षा और परिचालन को मजबूत किया जा रहा है. ऑडिट के दौरान एसएजी के अधिकारियों ने चक्रधरपुर स्टेशन और यार्ड में सुरक्षित ट्रेन परिचालन से जुड़ी हर गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण किया. इसके अलावा, टीम ने इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग व अत्याधुनिक उपकरणों के रखरखाव और उनके संचालन का जायजा लिया.
रनिंग स्टाफ की सुविधाओं का भी लिया जायजा: टीम ने केवल तकनीकी ही नहीं, बल्कि मानव संसाधन से जुड़े सुरक्षा मानकों को भी परखा. रनिंग स्टाफ के लिए रनिंग रूम में मिल रही सुविधाओं और भोजन की व्यवस्था को देखा गया. क्रू और गार्ड लॉबियों में जाकर लोको पायलटों व ट्रेन मैनेजरों (गार्ड) के ड्यूटी रोस्टरों का गहन निरीक्षण किया गया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि स्टाफ पर अत्यधिक तनाव न हो. पूरे सेफ्टी ऑडिट के बाद एसएजी की टीम ने चक्रधरपुर रेल मंडल की व्यवस्थाओं पर काफी संतोष व्यक्त किया और रेलवे के सभी नियमों व मानकों को सही पाया.
ऑडिट टीम ने इन स्थानों का किया निरीक्षण : एसएजी के अधिकारियों ने टाटा से चक्रधरपुर तक पूरे रेलखंड के महत्वपूर्ण सुरक्षा बिंदुओं को खंगाला, इसमें चक्रधरपुर स्टेशन, रेलवे यार्ड, क्रू व गार्ड लॉबी, रनिंग रूम, ट्रेक्शन सब-स्टेशन, रेलवे ब्रिज, घुमावदार ट्रैक, लेवल क्रॉसिंग, महालीमोरुप स्टेशन और वहां का रेलवे यार्ड का निरीक्षण किया.
कोयला ढुलाई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है यह रेलखंड: ओडिट टीम ने कहा कि चक्रधरपुर-टाटानगर रेलखंड की यातायात व्यवस्था पर भारतीय रेल के सभी जोनों की नजर टिकी हुई है. निकट भविष्य में इस मार्ग से सर्वाधिक कोयला की ढुलाई होने की संभावना है. इसी को देखते हुए इस रेलखंड पर वर्तमान में देश की सबसे बड़ी रेल परियोजनाओं में से एक का काम तेजी से चल रहा है. साथ ही चक्रधरपुर रेल मंडल में सुरक्षा और सुविधा और दुरुस्त होंगी.
