Chaibasa News : जिस भवन को देखकर डर लगता है, वहां रह पढ़ने को विवश हैं 200 छात्र

जिस भवन को देखकर डर लगता है, वहां रह पढ़ने को विवश हैं 200 छात्र

By ATUL PATHAK | April 24, 2025 11:27 PM

चाईबासा. चाईबासा स्थित आइटीआइ कॉलेज के सामान्य वर्ग का छात्रावास की स्थिति राज्य की शिक्षा व्यवस्था का मुंह चिढ़ा रहा है. जिस जर्जर भवन को देखकर भय लगता है, उसमें करीब 200 विद्यार्थी अपना भविष्य तलाश रहे हैं. भवन की छत से लगातार मलबा गिरता है. रसोई घर में गंदगी का अंबार लगा है. शौचालय के पास हुई बोरिंग से दुर्गंधयुक्त पानी निकलता है. उक्त पानी पीने से विद्यार्थियों के बीमार होने के खतरा रहता है. विद्यार्थियों के लिए बने बाथरूम में दरवाजा तक नहीं है. हॉस्टल के छात्रों ने बताया कि रसोई घर से लेकर हॉस्टल के कमरे तक की स्थिति दयनीय है. यहां मौत के साये में पढ़ाई करने को विवश हैं.

भोजन बनाने व बाथरूम की सफाई करते हैं विद्यार्थी

छात्रों ने बताया कि भोजन बनाने से लेकर बाथरूम आदि की सफाई खुद करनी पड़ती है. हम दुर्गंधयुक्त पानी पीने को विवश हैं. सभी कमरों में बिजली के तार काफी पुराने हो गये हैं. छात्र किसी तरह तार दुरुस्त कर रहते हैं. बारिश होने पर छात्रावासों से पानी टपकता है. पढ़ाई करने से सोने तक में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. छात्रावास में विद्यार्थी नारकीय जीवन जी रहे हैं.

खेलकूद के लिए आपस में चंदा करते हैं विद्यार्थी

आइटीआइ कॉलेज में पश्चिमी सिंहभूम के विभिन्न प्रखंडों के साथ पूर्वी सिंहभूम, चाकुलिया, बहरागोड़ा, घाटशिला, जादूगोड़ा, डुमरिया, गुड़ाबांधा, खरसावां, कुचाई और गढ़वा जिले से भी छात्र आते हैं. छात्रों ने बताया कि संस्थान की ओर से खेल सामग्री उपलब्ध नहीं करायी जाती है. छात्र क्रिकेट व वॉलीबाल खेलने के लिए आपस में चंदा करते हैं.

1960 में बना था भवन

ज्ञात हो कि उक्त सामान्य छात्रावास से पढ़कर छविनाथ महतो, दासो टुडू, सूर्यु हांसदा व रोहित महतो सहित आधा दर्जन विद्यार्थी भाभा रिसर्च सेंटर (बर्क), रेलवे आदि में अपनी सेवा दे रहे हैं. इसके बावजूद सामान्य छात्रावास का भवन जर्जर है. वर्ष 1960 में बना सामान्य छात्रावास भवन दम तोड़ने लगा है.

प्रिंसिपल के अनुरोध पर नहीं नहीं हुई पहल

आइटीआइ कॉलेज के प्रिंसिपल शशिभूषण महतो ने लिए जिला प्रशासन से डीएमएफटी मद से भवन निर्माण कराने का अनुरोध किया है. इसपर पहल नहीं हुई है. ऐसे में छात्रों की परेशानी लगातार बढ़ रही है.

…कोट…

छात्रावास का भवन काफी पुराना है. भवन आदि निर्माण के लिए मैंने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया है. डीएमएफटी फंड से निर्माण के लिए अनुरोध किया है.

शशिभूषण महतो, प्राचार्य, आइटीआइ कॉलेज, चाईबासाB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है