chaibasa news: शहादत पर गर्व, परिवार के साथ खड़ा प्रशासन : एसडीपीओ

तांतनगर के उलीडीह में मना रूमुल सावैयां का 10वां शहादत दिवस

तांतनगर के उलीडीह में मना रूमुल सावैयां का 10वां शहादत दिवस

चाईबासा. नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए रूमुल सावैयां का 10वां शहादत दिवस सोमवार को उनके पैतृक गांव तांतनगर प्रखंड के उलीडीह में मनाया गया. मुख्य अतिथि सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टूटी सहित शहीद के दोनों बेटे एवं ग्रामीणों ने रूमुल सावैयां को श्रद्धांजलि दी. एसडीपीओ ने कहा कि रुमुल सावैयां की शहादत बेकार नहीं जायेगी. शहीद के परिजनों के साथ पूरी चाईबासा पुलिस खड़ी है. हर सुख-दुख में शहीद के परिवारों के साथ पुलिस कदम से कदम मिलाकर चलेगी. नक्सलियों से जंग जारी रहेगी. शहीद रूमुल सावैयां बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं. कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन की ओर से शहीद के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर कर सम्मानित किया गया. इस मौके पर तांतनगर ओपी प्रभारी पीयूष नाग समेत अन्य पुलिस कर्मी एवं काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

नक्सलियों से डटकर किया था मुकाबला

रूमुल सावैंया 8 अक्तूबर 2008 को आरक्षी के पद पर नियुक्त हुए थे. उन्होंने विभिन्न जिलों के पुलिस पिकेट में प्रतियुक्त रहकर अपने कर्तव्य का निष्पादन किया. 18 अगस्त 2015 को वरीय पुलिस अधीक्षक रांची प्रभात कुमार को सूचना मिली थी कि भाकपा माओवादी द्वारा एक क्रशर व्यवसायी को लेवी प्राप्त करने के उद्देश्य से लाडुप दुलमी जंगल में बुलाया गया है. सूचना के आधार पर वरीय पुलिस अधीक्षक स्वयं अपने नेतृत्व में दुलमी जंगल में टीम के साथ पहुंचे. पुलिस बल के पहुंचते ही माओवादियों द्वारा पुलिस बल पर अंधाधुंध फायरिग शुरू कर दी गयी. सपोर्ट टीम के दूर रहने तथा पुलिस बल की संख्या कम होने के बावजूद पुलिस बल ने साहस, बहादुरी एवं संयम का परिचय देते हुए डटकर मुकाबला किया. इस मुठभेड़ में झारखंड पुलिस के कर्तव्यनिष्ठ चालक आरक्षी 3391 रूमुल सावैयां वीरगति को प्राप्त हुए. इस हमले में एसएसपी प्रभात कुमार भी जख्मी हुए थे.

गांधी बाबा एफसी को पराजित कर उकुगुटु एफसी की टीम बनी विजेता

शहादत दिवस पर न्यू सनराइज क्लब उलीडीह की ओर से एक दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इसमें 16 टीमों ने भाग लिया. फाइनल मुकाबला में गांधी बाबा एफसी बनाम उकुगुटु एफसी के बीच खेला गया. जिसमें उकुगुटु एफसी की टीम 1-0 गोल से जीत दर्ज कर विजेता बनी. विजेता एवं उप विजेता टीम को मुख्य अतिथि एसडीपीओ बहामन टूटी व शहीद की पत्नी के हाथों जर्सी, फुटबॉल, ट्रॉफी समेत नकद राशि देकर पुरस्कृत किया गया. मौके पर सुखलाल सरदार, राजेंद्र गोप, सत्यवान पान समेत काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

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Author: DEVENDRA KUMAR

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