चक्रधरपुर.
डीआरएम तरुण हुरिया ने सोमवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि चक्रधरपुर रेल मंडल में हाथियों को रेलवे ट्रैक पार करने से रोकने के लिये सात एलीफेंट कॉरिडोर (अंडरपास) बनाया जायेगा. इसके लिये चक्रधरपुर रेल मंडल में स्थान का चयन कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि अंडरपास के अलावे ओवरपास भी बनाया जायेगा. इससे हाथियों को सुरक्षित आवाजाही कराया जायेगा. इसके अलावे हाथियों के लिये एआइ आधारित कैमरे का भी प्रस्ताव भेजा गया है. जल्द ही इसकी स्वीकृति मिलेगी. चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों की टक्कर और सुरक्षा के लिए एटीपी (ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन) पर काम हो रहा है. यह काम वर्ष 2028 में पूरा हो जायेगा. मंडल के सभी रेल नेटवर्क पर काम जोरों पर चल रहा है. इस प्रणाली से दुर्घटनाएं शून्य हो जायेंगी.फ्रेट कॉरिडोर से अधिक मालगाड़ियों का होगा परिचालन
डीआरएम ने कहा कि इस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर से चक्रधरपुर रेल मंडल को काफी लाभ होगा. इससे मौजूदा रेलवे ट्रैक पर दबाव कम होगा. अधिक मालगाड़ियों को चलाना सुनिश्चित होगा. इससे वित्तीय लाभ में इजाफा होगा. फ्रेट कॉरिडोर के लिये 22 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत की गयी है. फ्रेट कॉरिडोर के लिये शहर से दूर स्थान का चयन किया जायेगा. रेलवे ट्रैक के अलावे कॉरिडोर का निर्माण होगा. इसपर केवल मालगाड़ियां चलेंगी. मंडल के ओडिशा से होकर चलने वाली मालगाड़ी कॉरिडोर से होकर चलेगी. जून में आदित्यपुर-सलगाझुड़ी तीसरी रेल लाइन का काम पूरा होगाचक्रधरपुर रेल मंडल के आदित्यपुर से सलगाझुड़ी तक नई तीसरी रेल लाइन का काम चल रहा है. जून में काम पूरा हो जायेगा. वहीं नई चौथी रेललाइन स्वीकृत होगा. ट्रेनों की आवाजाही व्यवस्थित व रफ्तार में तेजी आयेगी.
