चक्रधरपुर.
संतान की सुरक्षा, स्वास्थ्य, दीर्घायु व समृद्धि की मंगलकामना को पूर्ण करने वाला लोकपर्व जिउतिया व्रत रविवार को है. चक्रधरपुर के गुदड़ी बाजार के साथ ग्रामीण इलाकों के बाजारों में खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ी. फुटपाथ पर जिउतिया गुथने वाले कारीगर भी अपनी दुकानें सजाये थे. महिलाएं जिउतिया को लेकर लाल, पीला, हरा रंग के धागाें में गुथवा रही थीं. आभूषण की दुकानों में भी जिउतिया खरीदने के लिए भीड़ देखी गयी. वंश वृद्धि एवं उसकी सलामती के लिए माताओं द्वारा जिउतिया व्रत की पूर्व संध्या पर बाजारों में सतपुतिया झींगा की काफी मांग रही. इस कारण इसका भाव प्रतिदिन की अपेक्षा आसमान छूता दिखा. प्रतिदिन बाजार में 25 से 30 रुपये प्रति किलो बिकने वाली सतपुतिया के भाव सवा सौ रुपये प्रति किलो हो गये. जिउतिया व्रत की पूर्व संध्या पर व्रती महिलाएं आहार में सतपुतिया की सब्जी खाने के बाद ही व्रत शुरू करती हैं.अनूठी है व्रत की परंपरा: महिलाओं द्वारा अष्टमी तिथि को निर्जला उपवास रखा जाता है. इस दौरान जिमुतवाहन की पूजा की जाती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
