मनोहरपुर/ चिड़िया: रोजगार सहित चार सूत्री मांगों को लेकर शनिवार को सेल चिड़िया प्रबंधन और संयुक्त ग्रामसभा परिषद के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही.बैठक में सेल प्रबंधन ने वर्तमान परिस्थितियों का हवाला देते हुए स्थानीय बेरोजगारों को तत्काल रोजगार देने में असमर्थता जताई.इससे नाराज संयुक्त ग्रामसभा परिषद के प्रतिनिधियों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए सभागार से बाहर निकल गए और पुनः चक्का जाम आंदोलन करने का निर्णय लिया. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सेल कार्यालय सभागार में आयोजित इस बैठक में संयुक्त ग्रामसभा परिषद की ओर से टिमरा गांव के मुंडा गाजी सुरीन, लोडो के मुंडा मंगल सुरीन, चिड़िया गांव के मुंडा विजय सिंह लागुरी, सौदा गांव के मुंडा माठु चेरवा, अंकुवा गांव के मुंडा बलभद्र जामुदा तथा बिनुवा गांव के मुंडा सोमा समद सहित डाकुवा एवं अन्य सक्रिय सदस्य मौजूद थे. सेल प्रबंधन की ओर से जीएम रवि रंजन, डीजीएम (माइनिंग) एस.एस. राव एवं डॉ. राजकुमार ने पक्ष रखा.
गौरतलब है कि बीते बुधवार को संयुक्त ग्रामसभा परिषद के बैनर तले छह गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने मनोहरपुर–चाईबासा मुख्य सड़क को जाम कर दिया था. आंदोलन के बाद हुई वार्ता में सेल प्रबंधन ने चार प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन दिया था. इनमें स्थानीय बेरोजगारों को संबंधित गांवों के मुंडाओं के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराना, अंकुवा–चिड़िया जर्जर सड़क का पक्कीकरण, सीएसआर के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था करना तथा सीएसआर से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा के लिए प्रत्येक माह संयुक्त ग्रामसभा परिषद और सेल प्रबंधन के बीच बैठक आयोजित करना शामिल था. आंदोलन के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया था कि यदि तीन दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो चौथे दिन पुनः सड़क जाम किया जाएगा.इसी क्रम में शनिवार को सेल प्रबंधन ने बैठक बुलाई, लेकिन रोजगार के मुद्दे पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने से वार्ता विफल हो गई.बैठक के बाद संयुक्त ग्रामसभा परिषद के प्रतिनिधियों ने कहा कि जब तक स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार और अन्य मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.परिषद ने चेतावनी दी कि जल्द ही पुनः चक्का जाम कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
