बंद खदान के विरोध में उतरे मजदूर, कहा- खुद के स्वार्थ के लिए रोजगार रोकना गलत

गुवा की राजाबुरु खदान बंद होने से सैकड़ों मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट. श्रमिक संगठनों ने इसे व्यक्तिगत स्वार्थ बताकर खदान को तत्काल चालू करने की मांग की है.

खदान बंदी का विरोध जताते संगठन के मजदूर

500 लोगों की आजीविका पर पड़ रहा असर

खदान बंद होने से प्रतिदिन काम कर परिवार चलाने वाले मजदूरों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है. मजदूरों के अनुसार 100 से अधिक स्थानीय स्टाफ एवं मजदूर सीधे प्रभावित हैं, जबकि उनके परिवारों को मिलाकर करीब 500 लोगों की आजीविका पर असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति विशेष के हित को पूरे स्थानीय मजदूर समुदाय के हित के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा.

बैठक में क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ, सीटू, भारतीय मजदूर संघ, झारखंड मजदूर यूनियन और बेरोजगारी संघ के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक का नेतृत्व झारखंड मजदूर यूनियन के नेता एवं पूर्व मुखिया कपिलेश्वर डोंगो ने किया. बैठक में निर्णय लिया गया कि मजदूर एवं यूनियन प्रतिनिधियों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल सेल गुवा प्रबंधन से मिलकर खदान तत्काल चालू कराने की मांग का ज्ञापन सौंपेगा. मजदूरों ने कहा कि रोजगार के मुद्दे पर बातचीत के लिए वे तैयार हैं, लेकिन मजदूरों की रोजी-रोटी रोककर आंदोलन करना स्वीकार्य नहीं है.

खदान बंदी का विरोध जताते गुवा विभिन्न श्रमिक संगठन के मजदूर. | Prabhat Khabar Network


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By Sandip K

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