Chaibasa News : सिस्टर लॉबी सिस्टम वापस ले रेलवे : मेंस यूनियन

नयी कार्यप्रणाली से रनिंग कर्मियों की मानसिक और शारीरिक परेशानी बढ़ेगी

चक्रधरपुर. चक्रधरपुर रेल मंडल में रेलवे द्वारा लागू की गयी नयी कार्यप्रणाली ””””सिस्टर लॉबी सिस्टम”””” का विरोध तेज हो गया है. दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस यूनियन के केंद्रीय पदाधिकारी अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंडल रेल प्रबंधक, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी और वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता को ज्ञापन सौंपकर इस व्यवस्था को तुरंत वापस लेने की मांग की है.

क्या है ””””सिस्टर लॉबी सिस्टम””””

रेलवे की इस नई व्यवस्था के तहत टाटानगर-आदित्यपुर, जरुली-बांसपानी और राउरकेला-बंडामुंडा की क्रू लॉबियों को आपस में मर्ज किया गया है. रनिंग स्टाफ ने इसे काला कानून बताता है. रनिंग स्टाफ का कहना है कि लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को ड्यूटी खत्म होने के बाद 16 घंटे के अनिवार्य विश्राम के दौरान खुद ही अपने हेडक्वार्टर पहुंचना होगा. ड्यूटी के बाद निजी वाहन से लंबी दूरी तय कर घर जाने से मानसिक और शारीरिक थकान बढ़ेगी, जो रेलवे संरक्षा नियमों के विरुद्ध है. ड्यूटी पर लौटते समय भी कर्मियों को अपने हेडक्वार्टर से खुद की व्यवस्था कर कार्यस्थल तक जाना होगा.

अप्रैल में होंगे झारसुगुड़ा और चक्रधरपुर रेलवे इंस्टीट्यूट के चुनाव

इसी मुलाकात के दौरान एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. मेंस यूनियन के आग्रह पर सीनियर डीपीओ डॉ. ऋषभ सिन्हा ने स्पष्ट किया कि झारसुगुड़ा और चक्रधरपुर रेलवे इंस्टीट्यूट के चुनाव अब अप्रैल में कराये जायेंगे. कार्मिक विभाग जल्द ही इसके लिए नई अधिसूचना जारी करेगा. गौरतलब है कि पहले यह चुनाव 25 फरवरी को होने वाला था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया था. ज्ञापन सौंपने के दौरान चक्रधरपुर शाखा-1 के पदाधिकारी संजय पाठक, रमाकांत साहू और बड़ी संख्या में रनिंग स्टाफ के सदस्य उपस्थित रहे.

जल्द होगी सामूहिक बैठक : ऋषभ सिन्हा

मेंस यूनियन की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी डॉ ऋषभ सिन्हा ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही इस मामले पर रेलवे यूनियन और रनिंग स्टाफ के साथ एक सामूहिक बैठक की जायेगी. उन्होंने कहा कि बैठक में स्टाफ के हित को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लिया जायेगा.

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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