राखी के दिन स्कूल बुलाने पर भड़के अभिभावक, बोले- त्योहार के दिन क्यों हो रहा कार्यक्रम

रक्षा बंधन के दिन स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित करने के सरकारी आदेश का विरोध हो रहा है. शिक्षकों और अभिभावकों ने छुट्टी देने की मांग की है. पूरी खबर पढ़ें.

जैंतगढ़: 28 से 30 अगस्त तक राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर रक्षा बंधन की छुट्टी रद्द किये जाने का विरोध शुरू हो गया है. समग्र शिक्षा विभाग के शिक्षा सचिव के आदेश के आलोक में 28 से 30 अगस्त तक स्कूलों में ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है. 28 अगस्त को रक्षा बंधन और 30 अगस्त को रविवार होने के बावजूद कार्यक्रम आयोजित करने के फैसले से शिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों में रोष है.

राखी के दिन से ही अभियान शुरू करने पर सवाल

शिक्षकों और अभिभावकों का कहना है कि ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ अभियान को रक्षा बंधन के अगले दिन से भी शुरू किया जा सकता था. ऐसे में राखी के दिन से ही अभियान शुरू करने की क्या आवश्यकता थी, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं. विभाग की ओर से छुट्टी की क्षतिपूर्ति के लिए अवकाश देने की बात कही गयी है, लेकिन शिक्षकों का कहना है कि ऐसी घोषणाएं पहले भी हुई हैं, जिनमें कभी अमल हुआ तो कभी नहीं हुआ.

राखी के साथ गोमा पर्व भी मनाया जाता है

मानवाधिकार कार्यकर्ता पप्पू अहलूवालिया ने कहा कि रक्षा बंधन एक पवित्र पर्व है. इस दिन भाई-बहन के रिश्ते का पर्व मनाया जाता है और घरों में पूजा-अर्चना होती है. उन्होंने कहा कि ओड़िया क्षेत्र में गोमा पर्व भी धूमधाम से मनाया जाता है. ऐसे महत्वपूर्ण पर्व के दिन स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित करना उचित नहीं है.

पहले भी अवकाश के दिन स्कूल संचालन का आरोप

शिक्षकों ने बताया कि पूर्व में योग दिवस के अवसर पर अवकाश होने के बावजूद स्कूलों का संचालन कर कार्यक्रम कराया गया था. विश्व आदिवासी दिवस के दिन भी छुट्टी के बावजूद स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किये गये. शिक्षकों के अनुसार, इन अवसरों पर किये गये कार्य के बदले अब तक तीन दिनों का क्षतिपूर्ति अवकाश नहीं दिया गया है.

शिक्षकों का कहना है कि ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ अभियान के कारण भी दो दिनों की छुट्टी प्रभावित हो रही है. ऐसे में रक्षा बंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर स्कूलों का संचालन और कार्यक्रम आयोजित किया जाना समझ से परे है.

भाजपा नेता सत्यपाल बेहरा और राई भूमिज ने भी फैसले का विरोध किया है. उन्होंने झारखंड सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए रक्षा बंधन के दिन आयोजित कार्यक्रम को रद्द करने और स्कूलों में छुट्टी देने की मांग की है.


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By Md Nadeem

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