मंडलकारा चाईबासा में बंदियों के रचनात्मक पुनर्वास और उनके भविष्य को संवारने के लिए डिजिटल साक्षरता का ज्ञान दिया जा रहा है. कारा प्रशासन और जिला प्रशासन के सहयोग से जेल परिसर में कंप्यूटर लैब और प्रशिक्षण केंद्र संचालित किया जा रहा है. यहां बंदियों को बुनियादी कंप्यूटर कोर्स के तहत कंप्यूटर को ऑन-ऑफ करना, फाइल्स का प्रबंधन और बेसिक सॉफ्टवेयर का उपयोग सिखाया जा रहा है. एमएस ऑफिस (वर्ड, एक्सेल) जैसी जरूरी चीजें सिखायी जा रही हैं. सरकारी योजनाओं, ऑनलाइन फॉर्म भरने और सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के संबंध में जागरूक किया जा रहा है. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर बंदियों में गजब का उत्साह देखा जा रहा है. बंदी कंप्यूटर स्क्रीन पर कोडिंग, टाइपिंग और अन्य तकनीकी बारीकियों को बेहद रुचि के साथ सीख रहे हैं.
डिजिटल साक्षरता आज की आवश्यकता : अर्पणा
जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी अपर्णा कुमारी ने कहा कि डिजिटल साक्षरता आज की आवश्यकता बन गयी है. हालांकि, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होना भी आवश्यक है. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को तकनीक के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग के साथ-साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के संबंध में भी जानकारी दी जा रही है.
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