चक्रधरपुर.
नवरात्र के मात्र दो दिन शेष रहते हुए भी रेलकर्मियों के बोनस को लेकर कोई हलचल नहीं होने से कर्मचारियों में सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है. चक्रधरपुर में ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआइआरएफ) के आह्वान पर दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस यूनियन ने चार घंटे तक जोरदार प्रदर्शन कर बोनस और 8वें वेतन आयोग को शीघ्र लागू करने की मांग की. रेलकर्मियों ने कहा कि सरकार दुर्गा पूजा से पहले 7वें वेतन आयोग के अनुसार न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये के आधार पर बोनस की गणना करे. वे नाराज हैं कि जबकि 8वें वेतन आयोग लागू होने वाला है, उन्हें अभी भी 6वें वेतन आयोग के हिसाब से बोनस दिया जा रहा है. रेलकर्मियों ने सरकार से न्याय की अपील की.रेलवे मेंस यूनियन ने चार घंटे तक किया जोरदार प्रदर्शन
दाेपहर 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले प्रदर्शन में मंडल संयोजक एमके सिंह के नेतृत्व में दर्जनों रेलकर्मियों ने अपनी मांगें उठायीं. उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों से 6वें वेतन आयोग के अनुसार 7 हजार रुपये के न्यूनतम वेतन पर 78 दिन का बोनस लगभग 17,951 रुपये दिया जा रहा है. 8वें वेतन आयोग लागू होने के बाद उत्पादन आधारित बोनस 7वें वेतन आयोग के हिसाब से यानी करीब 46,176 रुपये मिलना चाहिए. मंडल के जोनल कार्यकारी अध्यक्ष शिवजी शर्मा ने रेलवे निजीकरण का विरोध करते हुए कहा कि यह भारतीय संविधान के अनुसार होना चाहिए ताकि श्रमिक वर्ग के अधिकार सुरक्षित रहें. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़ा आंदोलन हो सकता है. इस अवसर पर जवाहर लाल, अजय सिंह, आरके श्रीवास्तव, संजय पाठक सहित अन्य उपस्थित थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
