Chaibasa News : पुत्र को समय पर अस्पताल लाया जाता, तो बच जाती जान
माता-पिता ने कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया, कहा
चाईबासा. झींकपानी के कैलेंडे स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र विक्रम टुडू (25) की मौत की खबर मिलने पर रात 8.30 बजे छात्र के माता-पिता, भाई व अन्य रिश्तेदार चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचे. स्ट्रेचर पर विक्रम के शव से लिपटकर माता-पिता और भाई फफक कर रो पड़े. मृतक का घर धनबाद के निरसा थाना के कांड़टांड गांव में है. परिजनों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से बेटे की मौत हुई है. उसे समय पर अस्पताल नहीं लाया गया. मां रोते हुए कह रही थी कि कॉलेज प्रशासन को सिर्फ पैसे से मतलब है. किसी तरह की सुविधा नहीं है. सुबह बच्चों को चार रोटी दी जाती है. दोपहर तक भूखे प्यासे रहते हैं. ऐसे में शरीर में कहां से ताकत आयेगी. बेटा विक्रम काफी कमजोर हो गया था. मां ने कहा कि बेटे को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता, तो जान बच जाती. पुत्र को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया गया.
बेटे को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया : मां
मां ने कहा कि पैसे देकर बेटे को इतनी दूर में पढ़ाई करवा रहे थे. उसे मृत अवस्था में सदर अस्पताल लाया गया था. उसके शरीर में इलाज का चिह्न (इंजेक्शन आदि का) नहीं है. इससे स्पष्ट है कि उसे मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था. परिजनों ने घटना के बारे में कॉलेज के शिक्षकों से जानकारी ली. शिक्षकों ने बताया कि हृदय गति रुकने से मौत हुई है. उसकी छाती में सीपीआर देते हुए अस्पताल लाया गया था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
