चाईबासा. कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासन पर मनमाने रवैया अपनाने और गैरजरूरी तबादला का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कोल्हान छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले विद्यार्थियों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन का बिगुल फूंका. टाटा कॉलेज के बास्केटबॉल ग्राउंड से आंदोलन शुरू हुआ. यहां से विशाल जुलूस की शक्ल में विद्यार्थी विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंचे. सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने कुलपति प्रो डॉ. अंजिला गुप्ता के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की. आंदोलन की मुख्य वजह टाटा कॉलेज के निवर्तमान प्राचार्य डॉ. सुरेश चंद्र दास का तबादला है. छात्र नेताओं का आरोप है कि एक वरिष्ठ और मिलनसार शिक्षक को अपमानजनक तरीके से सहायक प्रोफेसर के पद पर बहरागोड़ा भेजना विश्वविद्यालय की तानाशाही है.
रजिस्ट्रार को सौंपा गया सात सूत्री मांगपत्र:
विद्यार्थियों ने कुलपति की अनुपस्थिति में कुलसचिव (रजिस्ट्रार) को 7 सूत्री मांगपत्र सौंपा. झारखंड पुनरुत्थान अभियान के केंद्रीय महासचिव अमृत माझी ने बताया कि राज्यपाल सह कुलाधिपति को कोल्हान आयुक्त के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया है. छात्रों ने साफ कहा कि विश्वविद्यालय परीक्षाओं का सत्र सुधारने और शिक्षकों की कमी दूर करने के बजाय केवल ट्रांसफर-पोस्टिंग के खेल चल रहा है.
साढ़े तीन घंटे चला धरना, मेन गेट बंद रहने से कुछ देर तनाव रहा
सुबह 11:30 बजे से शुरू हुआ प्रदर्शन अपराह्न 3 बजे तक चला. इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा. विश्वविद्यालय का मुख्य गेट बंद रहने के कारण कुछ देर के लिए तनाव भी बढ़ा, लेकिन बाद में गेट खोले जाने पर छात्र प्रशासनिक भवन के नीचे धरने पर बैठ गये. शनिवार को निर्धारित समय पर पुनः आंदोलन शुरू किया जायेगा. धरना-प्रदर्शन में छात्र नेता सनातन पिंगुवा, प्रकाश पूर्ति, सन्नी सिंकु, सुरेश सावैयां, प्रदेश कांग्रेस सचिव अशरफुल होदा सहित विभिन्न हॉस्टलों के छात्र-छात्राएं शामिल हुए.