मनोहरपुर.
छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुमड़ी-होंजोरदिरी जंगल में एक सप्ताह पूर्व सुरक्षाबलों व नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इसमें मारे गये 17 में शामिल 7 महिला नक्सलियों में दो युवतियां सरिता होनहागा व फूलमनी होनहागा सारंडा के दोलोइगाढ़ा लेपटापी वनग्राम की रहने वाली थीं. दोनों के परिजनों ने बताया कि हमलोगों को बिना बताये 7 जनवरी को कहीं चली गयी थीं. इसके बाद 24 जनवरी को दोनों के मारे जाने की सूचना परिजनों को मिली. परिजनों ने कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी नक्सल संगठन में शामिल होंगी. 25 जनवरी को सरिता व फूलमनी होनहागा के शव को परिजनों ने सामाजिक रीति-रिवाज से दफना दिया.चार भाई व तीन बहनों में सबसे छोटी थी सरिता
सरिता के पिता बासु होनहागा ने बताया कि बेटी नक्सल संगठन में कब शामिल हो गयी, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. 7 जनवरी को सरिता ने घर के निर्माण के लिए नींव खोदने का काम किया था. इसके बाद दोपहर में घर में खाना खाकर कहीं चली गयी. इसके बाद वह कहां गयी, उन्हें पता नहीं चला. पिता बासु की मानें, तो उन्हें पहले लगा कि कहीं काम करने गयी होगी या रिश्तेदार के घर चली गयी होगी. इस क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क नहीं है, इसीलिए हमलोग उसका पता नहीं लगा सके. इसके बाद 24 जनवरी को एक रिश्तेदार ने मोबाइल में सरिता व फूलमनी के मारे जाने की जानकारी दी. बाद में पुलिस के माध्यम से उन्हें खबर की जानकारी मिली. 25 जनवरी को सरिता व फूलमनी दोनों का शव मिला, जिसे दफना दिया गया. पिता ने बताया कि सरिता चार भाई व तीन बहनों में सबसे छोटी थी.
