गुवा. सेल की राजाबुरु खदान में रोजगार की मांग को लेकर 11 गांव के ग्रामीणों ने गुवा में आक्रोश रैली निकाली. काशियापेचा, जोजोगुटू, गंगदा सहित कई गांवों के ग्रामीणों ने सेल प्रबंधन पर अनदेखी का आरोप लगाया और बहाली में स्थानीय को प्राथमिकता नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी.
500 स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग :
गुवा स्थित सेल की राजाबुरु खदान में स्थानीय की बहाली को लेकर काशियापेचा, जोजोगुटू, राजाबेड़ा, घाटकुड़ी, गंगदा, बाइहातु, तितलीघाट, लेम्बेरे, सोनापी, बाड़ुइया एवं छोटानागरा के लगभग 300 मुंडा, मानकी, डाकुआ एवं ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया. काशियापेचा गांव के मुंडा मानता सुरीन के नेतृत्व में ग्रामीणों पारंपरिक हथियार के साथ कैलाशनगर से विशाल रैली निकालते हुए गुवा बाजार होते हुए सेल के जनरल ऑफिस पहुंचे. वहां नारेबाजी करते हुए सेल प्रबंधन को मांगपत्र सौंपा. ज्ञापन में राजाबुरु खदान से प्रभावित गांव के 500 स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की मांग की गयी. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गुवा की राजाबुरु खदान वर्ष 1919-20 से संचालित है. 106-107 वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रभावित क्षेत्र के लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का समुचित विकास नहीं हुआ है. उन्होंने स्थानीय की बहाली प्रक्रिया समाप्त कर मनमानी ढंग से नियुक्ति किये जाने का आरोप लगाया.
खदान से सटे गांवों में विकास कार्य करे कंपनी
पेरिफेरल डेवलपमेंट योजना के तहत खदान से सटे गांवों में विकास और रोजगार सुनिश्चित करने की मांग करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि राजाबुरु खदान खोलने से पूर्व स्थानीय बहाली प्रक्रिया पर स्पष्ट और तर्कपूर्ण समझौता किया जाये. उन्होंने पेसा कानून एवं भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अधिकार की बात कही. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर सकारात्मक पहल नहीं की गयी, तो आंदोलन को व्यापक रूप देते हुए गुवा सेल की मुख्य सड़क तथा खदान क्षेत्र में चक्का जाम किया जायेगा. इसकी जिम्मेदारी सेल प्रबंधन की होगी. अंत में मुंडा, मानकी एवं ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से मांग पत्र प्रबंधन को सौंपा.
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