मॉनसून की बेरुखी से किसान परेशान

जगन्नाथपुर में मानसून की कमी से किसान चिंतित हैं. बारिश न होने और महंगाई के कारण धान की बुआई प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों को भारी नुकसान का डर सता रहा है.

जैंतगढ़: जगन्नाथपुर प्रखंड में मानसून की बेरुखी से किसानों की चिंता बढ़ गई है. जून-जुलाई में सामान्य से करीब 58-59% कम बारिश दर्ज की गई है. बारिश में लंबे ब्रेक और भीषण उमस-गर्मी के कारण धान की खेती बुरी तरह प्रभावित हो रही है. खेतों की नमी खत्म होने से कृषि कार्य लगभग ठप पड़ गया है.

किसानों का कहना है कि समय पर पर्याप्त बारिश नहीं होने से इस बार धान की फसल पर संकट गहरा गया है. प्रखंड के करीब 70% किसान अब तक धान का बिचड़ा नहीं डाल पाए हैं. जिन खेतों में बिचड़ा तैयार किया गया था, वह भी सूखने लगा है. वहीं जिन खेतों में रोपनी हो चुकी है, वहां धान की फसल पीली पड़ने लगी है. छींटा विधि से बोई गई फसल भी बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है. किसान अब अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं.

बढ़ती लागत ने बढ़ाई परेशानी

किसान पांचू प्रधान ने बताया कि इस वर्ष कमजोर मानसून के कारण अच्छी फसल की उम्मीद कम है. खेती की लागत लगातार बढ़ रही है. ट्रैक्टर से जुताई के लिए 1,500 रुपये प्रति घंटा देना पड़ रहा है. धान के तीन किलो बीज का पैकेट 1,200 रुपये में खरीदना पड़ा, जबकि कई जगह किसानों को बीज 400 रुपये प्रति किलो तक खरीदना पड़ रहा है. खाद की कीमत भी बढ़ गई है.

उन्होंने कहा कि सरकारी लैम्प्स और पैक्स से अभी तक खाद-बीज का नियमित वितरण शुरू नहीं हो पाया है. मजबूरी में किसानों को बाजार से अधिक कीमत पर खाद और बीज खरीदना पड़ रहा है. ऐसे में लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है. कई किसान इस बार आधी जमीन पर ही खेती करने की तैयारी कर रहे हैं.

जून के बाद थम गई बारिश

किसानों के अनुसार जून की शुरुआत में अच्छी बारिश होने से खेती की उम्मीद जगी थी और खेतों की तैयारी शुरू हो गई थी. लेकिन जून के अंतिम पखवाड़े से बारिश लगभग थम गई. जुलाई का पहला पखवाड़ा भी सूखे जैसा रहा. अब तक सामान्य से करीब 58-59% कम वर्षा होने से खेती प्रभावित हो रही है.

उमस और बिजली संकट से जनजीवन भी प्रभावित

बारिश नहीं होने और वातावरण में अधिक नमी रहने से उमस और गर्मी लगातार बढ़ रही है. इससे आम लोगों का जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है. दूसरी ओर बिजली की आंख-मिचौली ने परेशानी और बढ़ा दी है.

सिंचाई की व्यवस्था नहीं, बारिश पर निर्भर किसान

जगन्नाथपुर प्रखंड के अधिकांश किसान पूरी तरह मानसून पर निर्भर हैं. क्षेत्र में सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. कम बारिश के कारण तालाबों में भी पानी का स्तर घट गया है. डीजल महंगा होने से सिंचाई और ट्रैक्टर की लागत बढ़ गई है, जिससे किसानों की चिंता और गहरा गई है.

मौसम विभाग ने जताई उम्मीद

चंपुआ मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून सामान्य से कमजोर है. हालांकि बीच-बीच में बनने वाले निम्न दबाव और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है. विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसूनी वर्षा होने की उम्मीद है, जिससे किसानों को कुछ राहत मिल सकती है.


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Md Nadeem

Published by: Amleshnandan Sinha

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >