झींकपानी एसीसी प्लांट को बचाने के लिए त्रिपक्षीय वार्ता 31 को

एसीसी बचाओ संघर्ष समिति, झामुमो कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की बैठक हुई

झींकपानी.

अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री दीपक बिरुवा की पहल पर बुधवार को जोड़ापोखर में एसीसी बचाओ संघर्ष समिति, झामुमो कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की बैठक हुई. इसमें एसीसी/अडानी सीमेंट प्लांट में बीते 30 अप्रैल से शटडाउन के नाम पर हो रही मजदूरों की छंटनी और उत्पादन-डिस्पैच बंद किये जाने पर गहरी चिंता जतायी गयी. बिना नोटिस काम बंद होने से स्थानीय मजदूरों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है. वहीं, प्लांट से कोयला, स्लैग और क्लिंकर अन्य जगहों पर शिफ्ट किये जाने से ग्रामीणों में फैक्ट्री पूरी तरह बंद होने का डर है. आक्रोशित मजदूरों व ग्रामीणों ने 29 मई को झींकपानी से चाईबासा तक पदयात्रा कर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की थी. हालांकि, मंत्री दीपक बिरुवा की पहल के बाद इस पदयात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. अब 31 मई को एसीसी झींकपानी में ही एक उच्च स्तरीय त्रिपक्षीय वार्ता तय हुई है. इस वार्ता में मंत्री दीपक बिरुवा, सांसद जोबा मांझी, जिले के विधायक, चाईबासा उपायुक्त (डीसी), मजदूर प्रतिनिधि और एसीसी प्रबंधन के पदाधिकारी शामिल होकर समस्या का समाधान निकालेंगे. स्थानीय लोगों का कहना है कि आजादी से पहले स्थापित यह प्लांट सिर्फ रोजगार का जरिया नहीं, बल्कि क्षेत्र की पहचान और अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. इसके बंद होने से हजारों परिवारों के सामने भुखमरी और पलायन की नौबत आ जायेगी. बैठक में संघर्ष समिति के संयोजक रमेश बालमुचू, गुरुचरण मुंडा, प्रखंड प्रमुख प्रदीप तामसोय सहित कई लोग मौजूद थे.

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Published by: Atul pathak

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