Chaibasa News : मनरेगा को खत्म करना दुर्भाग्यपूर्ण

जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में डीसी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया

चाईबासा. पश्चिमी सिंहभूम जिला झारखंड मुक्ति मोर्चा समिति ने शनिवार को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया. जिलाध्यक्ष सोनाराम देवगम के नेतृत्व में उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. इसमें श्रम विरोधी कानून, गरीब एवं अकुशल ग्रामीण मजदूर विरोधी जीराम जी कानून 2025 को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की. जिलाध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा पिछले दो दशकों से भारत में ग्रामीण आजीविका सुरक्षा की मजबूत नींव रहा है. इसने काम का कानूनी अधिकार दिया, जो मांग पर आधारित और विकेंद्रीकृत शासन से जुड़ा है. इस महत्वाकांक्षी रोजगार योजना को समाप्त करना केंद्र सरकार का जनविरोधी निर्णय है. इसके विरोध में झामुमो ने राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन किया है. मौके पर भुवनेश्वर महतो, राहुल आदित्य, इकबाल अहमद, दीपक कुमार प्रधान, विकास गुप्ता, अकबर खान, प्रेम मुंडरी, रामलाल मुंडा, मिथुन गागराई, निसार हुसैन, विनय प्रधान, मन्नाराम कुदादा, विश्वनाथ बाड़ा, बन्धना उरांव, कान्डे तियु, मो मोजाहिद, प्रेम गुप्ता, सनातन पिंगुवा, मंजीत हांसदा, सोमवारी बहान्दा, राहुल तिवारी, सतीश सुंडी, चिरिया बुड़ीउली, राजेश पिंगुवा, दुर्गा चरण देवगम, महेंद्र तिरिया, गणेश बोदरा, ताराकान्त सिजुई, रिमु बहादुर, गोवर्धन चौरासिया, प्रदीप महतो, गोकुल पोलाई, नितेश माधव करवा, मो तैहसीन, रौशन कुमार, मनोज लागुरी, देवेन्द्र बारी, मंगल सिंह तियु, सुभाष भंज, अभिषेक मिश्रा, इम्तियाज अहमद, राजू सुंडी, बसंती सुंडी, तुराम बिरुली, शंकर नायक व सुनील लागुरी समेत अन्य शामिल थे.

केंद्र सरकार की नीतियां गरीब विरोधी : लक्ष्मण टुडू

सरायकेला. केंद्र की जनविरोधी और मजदूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ झामुमो ने शनिवार को सरायकेला-खरसावां जिला मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया. झामुमो जिलाध्यक्ष डॉ शुभेंदु महतो के नेतृत्व में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया गया. प्रदर्शन के दौरान झामुमो नेताओं ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को खत्म करने की साजिश रचने का आरोप लगाया. मौके पर पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां गरीब, मजदूर और ग्रामीणों के खिलाफ हैं. मनरेगा को कमजोर कर केंद्र सरकार ग्रामीणों से रोजगार छीन रही है, जिससे बेरोजगारी, पलायन और भुखमरी बढ़ रही है.

मनरेगा भीख नहीं, गरीबों का संवैधानिक अधिकार था :

डॉ शुभेंदु जिला अध्यक्ष डॉ शुभेंदु महतो ने कहा कि मनरेगा कोई भीख नहीं, बल्कि गरीबों, आदिवासियों और ग्रामीणों का संवैधानिक अधिकार है. बावजूद इसके केंद्र सरकार बजट में कटौती, मजदूरी भुगतान में देरी और काम घटाकर इस योजना को कमजोर कर रही है.

मजदूरों के बकाया का तत्काल भुगतान करे केंद्र सरकार : गणेश

केंद्रीय सदस्य गणेश महाली ने कहा कि अगर मनरेगा मजदूरों को उनका बकाया भुगतान तत्काल नहीं मिला, 100 दिन के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित नहीं हुई और योजना को कमजोर करने की साजिश बंद नहीं की गयी, तो झामुमो राज्यव्यापी आंदोलन करेगा. मौके पर गणेश चौधरी, सुधीर महतो, बैद्यनाथ टुडू, शंभू आचार्य, अविनाश कबी, सौरभ साहू, उमेश भोल, तपन कामिला समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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Author: ATUL PATHAK

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