झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से आयोजित झारखंड क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा रविवार को जिले के 26 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई. परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए जिला प्रशासन की ओर से व्यापक व्यवस्था की गई थी.
सभी परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी. परीक्षा हॉल में प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की जांच की गई. केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में पुलिस बल तैनात रहे. सुरक्षा के मद्देनजर परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे और सीसीटीवी से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी.
कार्मेल स्कूल केंद्र से एक छात्र निष्कासित
इस परीक्षा के लिए जिले में कुल 9,948 अभ्यर्थी पंजीकृत थे. तीनों पालियों को मिलाकर कुल 4,390 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे. पहली पाली में 1,854 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी. इस दौरान कार्मेल उच्च विद्यालय, चक्रधरपुर परीक्षा केंद्र से परीक्षा नियमों के उल्लंघन के आरोप में एक परीक्षार्थी को निष्कासित कर दिया गया था. दूसरी पाली में 1,853 और तीसरी पाली में 1,851 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे.
डीसी और एसपी ने केंद्रों का किया निरीक्षण
परीक्षा सही तरीके से हो इस उद्देश्य से उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया. इस दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार और जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार के साथ पीएम श्री प्लस टू राजकीय कन्या उच्च विद्यालय (चाईबासा) एवं सेंट जेवियर्स उच्च विद्यालय (चाईबासा) पहुंचकर परीक्षा संचालन का जायजा लिया.
कुछ के लिए आसान तो कुछ को कठिन लगे सवाल
परीक्षा के प्रारूप में पहली पाली में भाषा (लैंग्वेज) की 120 अंकों की क्वालिफाइंग परीक्षा हुई, जिसमें हिंदी और अंग्रेजी शामिल थे. दूसरी पाली में क्षेत्रीय भाषा की 100 अंकों की और तीसरी पाली में सामान्य अध्ययन की 120 अंकों की परीक्षा आयोजित की गई. परीक्षा में माइनस मार्किंग का भी प्रावधान था. तीन गलत जवाब देने पर एक अंक काटे जाने की व्यवस्था थी. परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि कुछ के लिए प्रश्न पत्र सामान्य स्तर का रहा, जबकि कुछ को सवाल कठिन लगे.
अभ्यर्थियों ने कहा
- गौतम कुमार, गिरिडीह ने बताया कि पहली पाली का लैंग्वेज पेपर कठिन था और उसे हल करने में समय लगा. दूसरी और तीसरी पाली के सवाल सामान्य स्तर के थे.
- लवली, चतरा ने कहा कि पहली और दूसरी पाली के पेपर सहज थे, जबकि तीसरी पाली के सवाल कठिन लगे.
- अक्षय महतो, रामगढ़ के अनुसार पहली पाली के पेपर सामान्य स्तर के थे, दूसरी पाली सहज रही, जबकि तीसरी पाली में पूछे गए सवाल कठिन थे.
- निशांत कुमार, रांची ने बताया कि पहली पाली कठिन रही, दूसरी पाली सहज थी और तीसरी पाली में पूछे गए कई सवाल कठिन लगे.
- धीरज कुमार, गढ़वा ने कहा कि तीनों पालियों के पेपर न तो बहुत कठिन थे और न ही बहुत आसान। कुल मिलाकर परीक्षा अच्छी रही.
- एक अन्य अभ्यर्थी ने बताया कि पहली और दूसरी पाली के पेपर सामान्य स्तर के थे, जबकि तीसरी पाली में सामान्य अध्ययन में भूगोल से अधिक सवाल पूछे गए.
