चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण रोक लगाने के लिए बुधवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में वर्चुअल बैठक हुई. जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी शामिल हुए. डीसी ने अब तक चले अभियानों की समीक्षा करते हुए आगामी त्योहारों के मद्देनजर अधिकारियों को पूरी तरह मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है.
मिठाइयों की मांग में भारी बढ़ोतरी
रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग में भारी बढ़ोतरी को देखते हुए उपायुक्त ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा है. उन्होंने निर्देश दिया कि जिले भर की सभी मिठाई दुकानों, खाद्य प्रतिष्ठानों और अन्य संबंधित दुकानों का गहनता से निरीक्षण किया जाये. खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के साथ-साथ मिलावट की आशंका वाले सामानों के नमूने लेकर उन्हें नियमानुसार जांच के लिए भेजा जाये. अधिकारियों को नियमित निगरानी रखते हुए प्रभावी छापेमारी अभियान चलाने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है.
अमानक खाद्य सामग्री बेचने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
उपायुक्त ने कहा कि खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट को कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. जांच के दौरान यदि कोई प्रतिष्ठान मिलावटी या अमानक खाद्य सामग्री बेचते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर इस अभियान को सफल बनाने को कहा. डीसी ने जोर देते हुए कहा कि आमजनों के स्वास्थ्य की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और त्योहार के नाम पर जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा.
