Chaibasa News : अवैध बालू खनन पर सियासी संग्राम तेज केंद्र ने राज्य को सौंपा कार्रवाई का जिम्मा

पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा की शिकायत पर खनन मंत्रालय का कड़ा रुख, राज्य सचिव को जांच का निर्देश दिया

जगन्नाथपुर.

क्षेत्र में बालू के अवैध खनन और व्यापार को लेकर विवाद अब राजनीतिक मोड़ ले चुका है. झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा के मुख्य सलाहकार एवं पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा द्वारा केंद्रीय खनन मंत्रालय को भेजी गयी शिकायत के बाद केंद्र ने स्पष्ट किया है कि बालू ””””गौण खनिज”””” की श्रेणी में आता है, इसलिए इस पर नियंत्रण और कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की है. भारत सरकार के खनन मंत्रालय ने खान एवं खनिज अधिनियम, 1957 का हवाला देते हुए कहा कि अवैध खनन, ढुलाई और भंडारण पर रोक लगाने का अधिकार राज्य सरकार के पास है. मंत्रालय ने झारखंड के खान एवं भूविज्ञान विभाग के सचिव को पत्र भेजकर इस मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

बालू माफियाओं को प्रभावशाली तत्वों का संरक्षण प्राप्त : बोबोंगा

पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने 8 दिसंबर 2025 को मुख्य सचिव को भेजे पत्र में आरोप लगाया था कि झारखंड उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद जिले में बड़े पैमाने पर अवैध बालू उत्खनन जारी है. उन्होंने दावा किया कि इस अवैध कारोबार को सत्ताधारी और विपक्षी दलों के कुछ प्रभावशाली तत्वों का संरक्षण प्राप्त है. शिकायत में जगन्नाथपुर के जैतगढ़ क्षेत्र को इस अवैध धंधे का मुख्य केंद्र बताया गया है. उन्होंने कहा कि प्रतिदिन सैकड़ों हाइवा और ट्रैक्टरों के जरिए बालू की अवैध ढुलाई हो रही है. गिट्टी की ओवरलोडिंग भी धड़ल्ले से जारी है. खनन विभाग और स्थानीय पुलिस की भूमिका इस पूरे मामले में संदिग्ध है. उन्होंने इसमें दो घटनाओं का भी जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

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Author: ATUL PATHAK

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