Chaibasa News : रात में घर छोड़कर सामूहिक रूप से स्कूल में रह रहे ग्रामीण

20 वन ग्रामों में हाथी का दहशत, रातभर दे रहे पहरा, हाथी के बारे में फोन पर पल-पल की ले रहे जानकारी

गोइलकेरा. पश्चिमी सिंहभूम जिले में बीते एक सप्ताह से कोहराम मचा रहे अकेला हाथी के डर से गांवों में दहशत का माहौल है. गोइलकेरा के 20 वन ग्रामों के लोग मौत के साये में जी रहे हैं. करीब छह दिन से कई वन ग्राम के लोग परिवार के साथ शाम होते ही राजस्व ग्राम में पहुंच जा रहे हैं. कई गांव में ग्रामीण अपनी रक्षा के लिए सामूहिक रूप से स्कूल में शरण ले रहे हैं. हाथी प्रभावित गांव मसलन बिला, आराहसा, बोरोई, सोवा जैसे गांव में ग्रामीण रातभर पहरा दे रहे हैं. हर गांव के लोग दूसरे गांव से रात भर जानकारी ले रहे हैं.

सहमे हैं इन वन ग्रामों के लोग:

मेरलगाड़ा, बायपासन, हाथीबुरु, रबुवाकोचा, माइलपी, लउवाबेड़ा, ईचाबेड़ा आदि. शाम होने से पहले घरों में आ रहे मजदूर : प्रतिदिन मेहनत व मजदूरी करने वाले कामगार पिछले आठ दिनों से शाम ढलने से पहले अपने घर चले जा रहे हैं.

शोक संतप्त परिवारों से मिले डीएफओ कंबल दिया, मुआवजा का आश्वासन

कोल्हान जंगल क्षेत्र में हाथी ने छह लोगों की जान ली है. कोल्हान वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) कुलदीप मीणा गुरुवार को अपनी टीम के साथ शोक संतप्त परिवारों से मिले. वे सायतवा में मृतक मंदरु कायम के घर पहुंचे. घटना की जानकारी ली. परिजन को कम्बल दिया. मुआवजा की जानकारी दी. कितापी गांव में चंपा कुई के पति रंजन तियू से मिले और कंबल दिया. ग्रामीणों को हाथी से बचाव के लिए जागरूक किया. उनके साथ रेंजर राम नन्दन राम और साय तवा के रेंजर शंकर भगत भी शामिल थे.

दो माह में लाखों की फसल रौंदी, 17 आवेदन

गोइलकेरा. कोल्हान वन क्षेत्र में हाथियों ने पिछले दो माह में लाखों रुपये की फसल को नुकसान पहुंचाया है. वन विभाग में करीब 17 आवेदन आये हैं. इनमें एक आवेदन घर टूटने व 16 आवेदन फसल नुकसान से जुड़ा है. आवेदन करने वालों में मेंशन सुरीन (कच्चा घर टूटा), कायदा गांव का संजय सुरीन, चंद्र सुरीन, रामकी सुरीन की फसल को नुकसान, मनोहरपुर अंचल अंतर्गत सोनपोखरी गांव के संतोष जोजो, सरस्वती गुड़िया, रायडीह गांव से राकेश सुरीन, बीराती बरजो की फसल नुकसान, पौलूस बरजो का आंशिक घर टूटने के आवेदन है. सोना चेरोवा (जोजोगुटू गांव ) मोनिका बरजो(रायडीह ), शर्मिला हेंब्रम, फूलमनी सोय, धनसिंह हेंब्रम, तीनों सोनपोखरी गांव, सत्यानंद चेरोव (पटनिया ), अमन कुमार सोय,(सोनपोखरी ), सोमनाथ गगराई (तेंदा) हैं.

हाथी दिखने पर फोन नंबर – 9835249408 पर सूचना दें

चक्रधरपुर. पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं हाथी भ्रमण करता दिखे, तो तत्काल फोन नंबर – 9835249408 (जितेंद्र सिंह, आरएफओ–नोआमुंडी) पर सूचना दें. इससे समय रहते त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक रूप से जंगल या हाथी प्रभावित क्षेत्रों में प्रवेश न करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है.

रात में घरों से न निकलें ग्रामीण, सूरज निकलने के बाद खेत पर जायें :

फिलहाल, वन विभाग का उद्देश्य है कि हाथी को क्षति पहुंचाये बिना सुरक्षित जंगल में भेजना है. विभाग ने जिला प्रशासन, स्थानीय थानों और गांवों के मानकी-मुंडा को अलर्ट किया है.

ग्रामीणों को सख्त निर्देश है कि रात के समय घरों से बाहर न निकलें. सूरज निकलने के बाद ही खेत और जंगल की ओर जायें. कमजोर और कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को अस्थायी रूप से पक्के मकानों, स्कूलों या आंगनबाड़ी केंद्रों में शिफ्ट होने को कहा गया है. खलिहानों में सोने पर रोक लगायी गयी है.

मांग : हाथी के हमले में मृतकों के 
अंतिम संस्कार की राशि बढ़ाये विभाग

चाईबासा. पश्चिमी सिंहभूम खाद्य सुरक्षा जन अधिकार मंच ने गुरुवार को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा. मंच ने कहा कि पागल दंतैल हाथी ने अब तक 17 लोगों की जान ली है. विभाग इसे रोकने में सफल नहीं हो रहा है. ग्रामीण भय के साये में जीने को विवश हैं. प्रभावित परिवारों को क्रिया-कर्म के लिए मात्र 10 से 20 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, जो अपर्याप्त है. अंतिम संस्कार की राशि बढ़ाने व अन्य कई मांगें रखीं. उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि हाथी को नियंत्रित करने के लिए टीम कार्यरत है. ज्ञापन सौंपने वालों में जितेंद्र मेलगांडी, रमेश बालमुचु, रेयांस सामद, महेंद्र जामुदा, सचिन बालमुचू व मानकी तुबिड शामिल थे. इधर, जलसहिया ग्रुप ने ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा है.

अंधेरे में घर से न निकलें ग्रामीण : जनप्रतिनिधि

झींकपानी. टोंटो में हाथियों के आतंक से परेशान ग्रामीणों को जिला परिषद सदस्य राज नारायण तुबिड, नीमडीह पंसस जयराम हेस्सा और प्रखंड युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण लागुरी ने सावधानी बरतने को कहा है. उन्होंने अलग-अलग प्रेस विज्ञप्तियां जारी कर ग्रामीणों को हाथी के हमलों से बचने के लिए स्पष्ट निर्देश दिये. फसलों की रक्षा के लिए पुआल से बनी झोपड़ियों में रात ना बिताएं. बाजार या बाहर का काम शाम से पहले निपटाकर घर पहुंचे. अंधेरे में घर से बाहर निकलने से बचें. तेज रोशनी जलाने से परहेज करें, क्योंकि यह हाथियों को आकर्षित करती है.

गोइलकेरा में दो जगहों पर देखे गये दो हाथी

गोइलकेरा. गोइलकेरा में गुरुवार को दो जगहों पर दो हाथी देखे गये. कुइड़ा की ओर सुबह एक हाथी ने फसल रौंद दी. वहीं, रात आठ बजे गोइलकेरा बाजार से महज आठ किलोमीटर दूर कुला, रघुनाथपुर गांव के समीप देखा गया. वहीं, दूसरा हाथी कारा के जंगल में सुबह देखा गया. ऐसा माना जा रहा है कि हाथी अपने झुंड से अलग हो गये हैं. हालांकि, अलग-अलग हाथियों की संख्या पर वन विभाग भी असमंजस की स्थिति में है. लोगों से रात में घर से बाहर नहीं निकलने को कहा है.

डुमरिया जंगल में हाथी के पैर के 
निशान मिले, टीम कर रही तलाश

जगन्नाथपुर. हिंसक हाथी को हाटगम्हरिया प्रखंड के सियालजोड़ा क्षेत्र में ट्रैक कर ट्रेंकुलाइज करने की कोशिश जारी है. अबतक वन विभाग की टीम को हाथी का सटीक लोकेशन नहीं मिल पाया है. टीम डुमरिया कुड़ामसदा कुसमुंडा तुंगपुर में हाथी की तलाश कर रहा है. हाथी अपना स्थल बार बार बदल रहा है. हाथी को टीम ने घेरा, लेकिन जंगल में कहीं छिप गया. हाथी के पैर के निशान से तलाश जारी है. वन विभाग की एक विशेष टीम हाथी के सही मूवमेंट और वर्तमान ठिकाने का पता लगाने के लिए लुपंगपी और डेबरासाईं के जंगलों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है. जानकारी के अनुसार, यह हाथी मुख्य रूप से रात के समय ही मूवमेंट करता है, जिससे दिन में उसका पता लगाना मुश्किल हो रहा है. इसी रणनीति को ध्यान में रखते हुए बंगाल की मशाल टीम सहित अन्य विशेषज्ञ दल रात के अंधेरे में हाथी के अंतिम लोकेशन की ओर बढ़कर खोजबीन कर रही है. इस दौरान ट्रेंकुलाइज टीम पूरी तरह अलर्ट मोड में है, ताकि हाथी नजर आते ही तत्काल कार्रवाई की जा सके.

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Author: ATUL PATHAK

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