चाईबासा.
सिविल सर्जन डॉ सुशांतो कुमार माझी के निर्देशन में एनसीसी कैडेटों को सदर अस्पताल में एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक करना था. उन्हें तंबाकू के सेवन से दूर रखना था. अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ भारती मिंज ने तंबाकू से होने वाली बीमारियों जैसे बालों का झड़ना, मोतियाबिंद, दांतों में सड़न, फेफड़े का कैंसर, दिल की बीमारी, पेट में अल्सर, अस्थमा एवं सांस संबंधित बीमारी के बारे में जानकारी दी. समाजसेवी अनूप बागे ने कहा कि युवाओं को तंबाकू की बजाय स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है. स्वस्थ जीवन खुद और परिवार के लिए बेहद जरूरी है. जिला परामर्शी मुक्ति बिरुवा ने सदर अस्पताल की डेंटल ओपीडी में चल रहे तम्बाकू निवारण केंद्र के बारे में जानकारी दी. वहीं जो लोग तम्बाकू की लत को छोड़ना चाहते हैं, वह यहां अपना इलाज करवा सकते हैं. जो लोग तम्बाकू से छुटकारा पाना चाहते हैं वे टोल फ्री नंबर-1800-11- 2356 पर संपर्क कर सकते हैं. कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने तंबाकू का सेवन नहीं करने की शपथ ली. इस मौके पर सिमिता जोजो, जिला कार्यक्रम सहायक विश्वनाथ हेम्ब्रोम आदि मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
