Chaibasa News : समाज की संस्कृति, इतिहास और परंपरा का दर्शन कराती है मातृभाषा : जानुम

चाईबासा : आदिवासी हो समाज महासभा कला एवं संस्कृति भवन में मिलन समारोह आयोजित

चाईबासा.आदिवासी हो समाज महासभा कला एवं संस्कृति भवन में मिलन समारोह आयोजित किया गया. जिसमें हरिगुटु में हो हयम मरसल अखड़ा में ऑनलाइन हो भाषा और लिपी सीख रहे विभिन्न राज्यों के विद्यार्थी शामिल हुए. इस दौरान उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर भाषा के प्रति जागरूक भी किया गया. समारोह में मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ जानुम सिंह सोय शामिल हुए.

उन्होंने हो हयम मरसल अखड़ा का मनोबल बढ़ाया. उन्होंने कहा कि मातृभाषा अपने समाज की संस्कृति, इतिहास और परंपरा का दर्शन कराती है व अपने समाज के विकास के प्रति प्रेरित करती है. भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करवाने के लिए सरकार का क्या जवाब है और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए समाज का क्या योगदान है, इस पर युवा महासभा महासचिव गब्बर सिंह हेंब्रम ने अपने विचार व्यक्त किये.

रवींद्र बाल संस्कार स्कूल के बच्चों ने किया नृत्य

इस दौरान असुरा के रवींद्र बाल संस्कार स्कूल के बच्चों ने हो भाषा और लिपि पर एक नृत्य पेश कर सबका मन मोह लिया. वहीं, हो हयम मरसल अखड़ा का इतिहास पर प्रकाश डालते हुए गोवाई गागराई ने संस्थापक सिंगापुर में नर्सिंग ऑफिसर के रूप मे कार्य रहे पंगेला सामड, सहयोगी नीलिमा बारदा व अमनदीप कौर को धन्यवाद दिया.

समारोह में ये थे उपस्थित

जगन्नाथ हेस्सा, डोबरो बुड़िउली, जवाहर लाल बंकिरा, सोनू हेस्सा, सिकंदर बुड़िउली, विजयलक्ष्मी सिंकु, साधु चरण देवगम, दिलदार पुरती, बीर सिंह बुड़िउली, डॉ बसंत चाकी, इपिल सामड, दामोदर हासदा, सृजोन हाईबुरु, साधना सामड, डॉ रीना गोडसोरा, चंद्रमोहन देवगम नन्दनी कोड़ा, सावित्री सिंकु, सुजाता मुंडरी, प्रधान तामसोय आदि.

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By Prabhat Khabar News Desk

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