चाईबासा.
चाईबासा सदर अस्पताल में शुक्रवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि मनायी गयी. इस मौके पर स्वास्थ्य कर्मियों ने कुष्ठ रोगियों से घृणा नहीं करने उनका इलाज करने की शपथ ली. मुख्य अतिथि सिविल सर्जन डॉ भारती मिंज ने कहा कि महात्मा गांधी ने कुष्ठ रोगियों के लिए हमेशा आवाज उठायी थी. उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग अभिशाप नहीं है, यह एक बीमारी है. इसका इलाज संभव है. समय पर इलाज कराने से दिव्यांगता से बचा जा सकता है. उन्होंने कहा कि 14 फरवरी तक जिले के सभी प्रखंडों में जागरुकता अभियान चलाया जायेगा. यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ आलोक रंजन महतो ने कहा कि एमडीटी दवा से कुष्ठ रोग ठीक हो जाता है. दवा के सेवन से यह रोग फैलाने की क्षमता खो देता है. इसलिए उससे घृणा नहीं करनी चाहिए. जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ मीनू ने कहा कि कुष्ठ रोग माइक्रोबैक्टरीयम लेप्री नामक जीवाणु से होनेवाली एक पुरानी संक्रामक बीमारी है, जो त्वचा और तंत्रिकाओं को प्रभावित करती है. यह पूरी तरह से इलाज योग्य है. सरकारी अस्पतालों में इसका मुफ्त इलाज होता है. कार्यक्रम को जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ मीना कालुंडिया, उपाधीक्षक डॉ शिवचरण हांसदा, डॉ सुखमति, आशीष कुमार समेत चिकित्सा पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थे.
